25 से सहरसा-थरबिटिया रेलखंड पर नहीं चलेगी ट्रेन, सुपौल तक बिछेगी लाइन

Published at :21 Dec 2016 6:50 AM (IST)
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25 से सहरसा-थरबिटिया रेलखंड पर नहीं चलेगी ट्रेन, सुपौल तक बिछेगी लाइन

सहरसा : 25 दिसंबर से सहरसा-सुपौल रेलखंड पर छोटी रेल लाइन की सभी ट्रेनें बंद हो जायेगी. इसके साथ ही कोसी क्षेत्र से छोटी रेल लाइन हमेशा के लिए विदा हो जायेगी. मीटर गेज इतिहास में दर्ज हो जायेगा. रेलवे ने आमान परिवर्तन के लिए 25 दिसंबर से इस खंड पर मेगा ब्लॉक लेने का […]

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सहरसा : 25 दिसंबर से सहरसा-सुपौल रेलखंड पर छोटी रेल लाइन की सभी ट्रेनें बंद हो जायेगी. इसके साथ ही कोसी क्षेत्र से छोटी रेल लाइन हमेशा के लिए विदा हो जायेगी. मीटर गेज इतिहास में दर्ज हो जायेगा. रेलवे ने आमान परिवर्तन के लिए 25 दिसंबर से इस खंड पर मेगा ब्लॉक लेने का निर्णय लिया है. सीनियर डीसीएम बीरेंद्र कुमार ने बताया कि 25 दिसंबर से मेगा ब्लॉक लिया जायेगा. अगले एक वर्ष में सहरसा से सुपौल के बीच 27 किलोमीटर तक बड़ी लाइन बिछाने का काम होगा.

यात्री सुविधा में होगी बढ़ोतरी : मीडिया प्रभारी सह सीनियर डीसीएम बीरेंद्र कुमार ने कहा कि इस खंड के सहरसा-सुपौल आमान परिवर्तन के बाद यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी. इस खंड पर कुछ नये एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन किया जायेगा. यात्री कम समय में अपने गंतव्य को पहुंच पायेंगे. अभी छोटी लाइन होने के कारण यात्रियों को दिक्कत होती है. ट्रेनों की स्पीड भी कम होती है, जिससे यात्री को अपने गंतव्य तक जाने में अधिक समय लगता है. वहीं रेलवे ट्रैक की ऊंचाई भी करीब तीन फीट तक बढ़ जायेगी. इससे बाढ़ के दौरान रेलवे ट्रैक को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा.
सर्वे का काम पूरा : सहरसा-थरबिटिया छोटी रेललाइन को बड़ी रेललाइन में
25 से सहरसा-थरबिटिया…
तब्दील करने के लिए मेगा ब्लॉक लेने से पूर्व सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है. बीते आठ अक्टूबर को बेगूसराय की जेके कंपनी के कर्मियों ने रेलखंड की मापी शुरू की थी. रेलखंड की मापी होते देखने के बाद ही लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ गयी थी. मालूम हो कि मानसी-सहरसा व मधेपुरा बड़ी रेललाइन बनने के बाद सिर्फ सहरसा-थरबिटिया रेललाइन में ही मीटरगेज की ट्रेन चलती है.
छोटी रेललाइन बनेगा सपना : सहरसा-थरबिटिया रेललाइन के बड़ी रेललाइन में तब्दील होने के बाद वर्षो से चली आ रही छोटी रेललाइन की ट्रेन इतिहास के पन्नों में सिमट जायेगी. कुछ दिन बाद लोगों को अपने अगली पीढ़ी को कहानी के रूप में छोटी लाइन के बारे में बताना होगा. मालूम हो कि वर्ष 2005 में मानसी से सहरसा बड़ी रेललाइन के चालू होने के बाद देश की पहली गरीब रथ ट्रेन सहरसा से शुरू हुई. इसके अलावे सहरसा-आदर्शनगर दिल्ली पुरबिया एक्सप्रेस, सहरसा-अमृतसर जनसेवा व जनसाधारण एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, राजधानी के लिए कोसी एक्सप्रेस, राज्यरानी एक्सप्रेस, रात्रिकालीन ट्रेन जनहित एक्सप्रेस सहित सहरसा-पूर्णिया के बीच कई पैसेंजर ट्रेन चली.
पांच प्लेटफॉर्म का होगा निर्माण : बड़ी रेललाइन के सुपौल तक विस्तारित होने से पूर्व स्टेशन पर तीन अन्य प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा. वर्तमान में बड़ी रेललाइन के लिए मात्र दो प्लेटफॉर्म हैं. वहीं कई ट्रेन के सहरसा से खुलने के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ता है. मेगा ब्लाक के बाद तीन नये प्लेटफॉर्म बनने के बाद समस्या में कमी आने की संभावना है. इसके अलावे यार्ड का भी विस्तार किया जायेगा.
छोटी रेल लाइन पर अगले आदेश तक रहेगा मेगा ब्लॉक
27 किलोमीटर बिछना है बड़ी रेल लाइन
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