पांच माह बाद भी फरार बच्चों की नहीं हुई बरामदगी

Published at :20 Sep 2016 7:14 AM (IST)
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पांच माह बाद भी फरार बच्चों की नहीं हुई बरामदगी

सहरसा : सदर थाना क्षेत्र के रहमान चौक पर जन जागरण संस्थान द्वारा संचालित बालक गृह से बीते चार अप्रैल की अहले सुबह शयन कक्ष की खिड़की तोड़ छह बच्चे फरार होने के मामले में पांच माह से अधिक बीत जाने के बाद भी तीन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है. संस्थान की तत्कालीन […]

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सहरसा : सदर थाना क्षेत्र के रहमान चौक पर जन जागरण संस्थान द्वारा संचालित बालक गृह से बीते चार अप्रैल की अहले सुबह शयन कक्ष की खिड़की तोड़ छह बच्चे फरार होने के मामले में पांच माह से अधिक बीत जाने के बाद भी तीन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है. संस्थान की तत्कालीन अधीक्षिका ने सदर थानाध्यक्ष को लिखित जानकारी दी थी. मालूम हो कि चार अप्रैल की अहले सुबह 14 वर्षीय राजा

कुमार,नीरज कुमार, 13 वर्षीय रवि कुमार, 16 वर्षीय राहुल कुमार, 12 वर्षीय भोला कुमार, 17 वर्षीय पंकज कुमार फरार हो गया था. संस्थान में तैनात गार्ड जब राउंड करने गये तो देखा कि खिड़की टूटी थी और 21 में से 6 बच्चे गायब थे. जिसकी सूचना तुरंत थाना को दी गयी थी. बच्चों की बरामदगी में ना ही बाल गृह और ना ही पुलिस प्रशासन कोई सजग दिख रही है. जिसके कारण तीन बच्चे अभी भी लापता है.

तीन की नहीं हुई है बरामदगी : बाल गृह से फरार हुए छह बच्चे में से एक बच्चे पंकज को घटना के कुछ दिन बाद बस स्टैण्ड में घूमते देख लोगो ने गृह के सुपुर्द कर दिया. वही छपरा के नयागांव थाना क्षेत्र के सोनू नाम के लड़के ने कुछ माह बाद एक बच्चे रवि कुमार के मिलने की सूचना दी थी. जिसके बाद बाल गृह के सदस्य वहां जाकर रवि को प्राप्त किया था. तीसरा बच्चा पटना स्थित अपना घर से सुपुर्द किया गया. अधीक्षिका रूबी के अनुसार मध्यप्रदेश से नीरज नाम के लड़का को बाल संरक्षण से जुड़े लोगो ने अपना घर को सुपुर्द किया था. यानि तीन बच्चे भगवान भरोसे लौटे है, वहीं तीन बच्चे राहुल कुमार, भोला कुमार, राजा कुमार की अभी तक बरामदगी नहीं हो पायी है. गृह की अधीक्षिका बच्चे की खोज के लिए प्रयास जारी रखने की बात कहते है.
अधीक्षिका ने बताया कि बीते 11 मई को राजा नाम के बच्चे ने दो नंबर से गृह में फोन किया था, जिसका नंबर पुलिस को दे दी गयी है. पूरे घटना से इतना तो स्पस्ट है कि यदि बच्चों की खोज सही ढ़ंग से होती तो शायद बच्चे को बरामद कर लिया जाता. ज्ञात हो कि बाल संरक्षण आयोग की सदस्या ललिता जायसवाल ने भी गृह का निरीक्षण कर कार्रवाई की बात कही थी. लेकिन महीनों बीत जानें के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.
कुछ दिन पूर्व मैने गृह में योगदान दिया है. बच्चों की बरामदगी के लिये प्रयास जारी है. तीन बच्चों को संस्था के कर्मी के प्रयास से बरामद किया गया है. शेष बच्चों की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है.
रूबी कुमारी, अधीक्षक
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