भाई ही निकला अपहर्ता 13 सितंबर को हुआ था अपहरण

Published at :20 Sep 2016 7:12 AM (IST)
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भाई ही निकला अपहर्ता 13 सितंबर को हुआ था अपहरण

सिमराही : पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार एकले के वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद आखिरकार एक सप्ताह पूर्व अपहृत 08 वर्षीय बालक को सहरसा जिले के बलबा ओपी क्षेत्र के बलुआहा गांव से बरामद किया गया. बालक की बरामदगी को लेकर एसपी ने राघोपुर थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया था. अपहृत […]

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सिमराही : पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार एकले के वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद आखिरकार एक सप्ताह पूर्व अपहृत 08 वर्षीय बालक को सहरसा जिले के बलबा ओपी क्षेत्र के बलुआहा गांव से बरामद किया गया. बालक की बरामदगी को लेकर एसपी ने राघोपुर थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया था. अपहृत के बरामद होने के साथ ही इस अपहरण मामले का पटाक्षेप हो गया.

इस अपहरण कांड को सहोदर भाई ने अंजाम दिया था. हालांकि अपहरणकर्ता पुलिस गिरफ्त में आने से बच निकला, लेकिन पुलिस अपहरणकर्ता को गिरफ्तार करने के लिये लगातार कोशिश कर रही है. ज्ञात हो कि राघोपुर थाना के गणपतगंज स्थित नॉर्थ ईस्ट विलियम इंटर नेशनल प्राइभेट स्कूल से विगत एक सप्ताह पूर्व थाना क्षेत्र के धरहरा धत्ता टोला निवासी प्रो महेश्वर यादव का पुत्र वंशल कुमार का अपहरण कर लिया गया था. बालक 13 सितंबर को स्कूल में पढ़ने गया था. जहां से वंशल पढ़ कर शाम तक घर नहीं लौटा. बच्चे के पिता ने काफी खोजबीन की,
लेकिन बच्चे का पता नहीं चला. इसके बाद बालक के पिता ने राघोपुर थाना में आवेदन देकर पुत्र को बरामद करने की गुहार लगायी. थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने तत्काल कांड संख्या 175/16 दर्ज कर घटना की छानबीन प्रारंभ कर दिया.
दो दिन बाद मांगी गयी थी रंगदारी: अपहरण की घटना के दो दिन बीतने के बाद अपहृत बच्चे की पिता के मोबाइल पर अपराधी ने फोन कर 10 लाख रुपये फिरौती मांगते हुए बच्चे की हत्या की धमकी दी. इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार एकले ने वैज्ञानिक अनुसंधान करते हुए तत्काल अपराधियों के मोबाईल नंबर पर नजर रखने का निर्देश राघोपुर थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी को दिया. एसपी के कुशल निर्देशन में सोमवार की सुबह बालक को बरामद किया गया. हैरत की बात यह है कि अपहरण की घटना को अंजाम देकर फिरौती का रकम मांगने वाला अपराधी अपहृत बालक का सहोदर भाई है. वह पीड़ित पिता का सबसे बड़ा पुत्र डंकल यादव था. दरअसल डंकल यादव एक अपराधी है जिनके ऊपर विभिन्न थानों में कई मुकदमा दर्ज है. डंकल महज कुछ दिन पूर्व सहरसा जेल से छूट कर बाहर निकला है. उसने पैसे की लालच में सहोदर भाई के अपहरण की घटना को अंजाम दिया. हालांकि सुपौल पुलिस की चुस्त-दुरूस्त कार्रवाई के कारण सातिर अपराधी अपने मंशा में कामयाब नहीं हो सका. थानाध्यक्ष ने बताया कि डंकल यादव की गिरफ्तारी के लिये पुलिस लगातार प्रयास कर रही है.
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