कई और डॉक्टर थे निशाने पर

Published at :20 Aug 2016 8:12 AM (IST)
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कई और डॉक्टर थे निशाने पर

डॉक्टर रंगदारी मामले का पुलिस ने पूर्ण उद्भेन कर लिया है. सूरज सम्राट व कार्तिक चौधरी को गिरफ्तार किया गया है. दोनों ही मेडिकल के पेशे से जुड़े हैं. सहरसा : डॉक्टर को डराने व पैसा कमाने के लिए इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया था. हमलोगों की मंशा किसी को क्षति पहुंचाने […]

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डॉक्टर रंगदारी मामले का पुलिस ने पूर्ण उद्भेन कर लिया है. सूरज सम्राट व कार्तिक चौधरी को गिरफ्तार किया गया है. दोनों ही मेडिकल के पेशे से जुड़े हैं.
सहरसा : डॉक्टर को डराने व पैसा कमाने के लिए इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया था. हमलोगों की मंशा किसी को क्षति पहुंचाने की नहीं थी. यह बातें डॉक्टर से रंगदारी मांगने व गोली चलाने के मामले में गिरफ्तार अपराधी संतोष यादव उर्फ सूरज सम्राट एवं कार्तिक चौधरी उर्फ छोटू ने पुलिस की पूछताछ में कही.
छोटू ने बताया कि वह डॉ आइडी सिंह के बगल में स्थित आदित्य पैथोलॉजी व मां जीवन पैथोलॉजी में काम करता था. इस कारण उसके पास कई डॉक्टरों के नंबर थे. इसी दौरान उसकी दोस्ती नवहट्टा मोहम्मदपुर निवासी मेडिकल दुकान चलाने वाले संतोष यादव से हुई. बातचीत में पैसा कमाने के लिए दोनों ने डॉक्टरों से रंगदारी मांगने का निर्णय लिया. इसके बाद फर्जी नाम पर सिम लेकर डॉ आइडी सिंह को फोन कर एक करोड़, डॉ ब्रजेश सिंह व पैथोलॉजी संचालक से रंगदारी की मांग कर पटेल मैदान पहुंचाने को कहा. लेकिन मामला के संगीन हो जाने के कारण कुछ दिन छोड़ दिया, ताकि पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके. इसी बीच 26 जुलाई को डॉक्टर को डराने के लिए उसके वाहन पर गोली चला दी, जो संतोष ने चलायी थी.
इस दौरान पल्सर बाइक पर संतोष के अलावा कार्तिक गाड़ी चला रहा था. गोली चलाने के बाद वह लोग वहां से आराम से निकल गये. फोन लगाने पर डॉक्टर का मोबाइल ऑफ आ रहा था. दूसरे दिन दूसरे नंबर से फोन कर 25 लाख की रंगदारी की मांग करते व नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी. पूरे मामले पर एसपी अश्विनी कुमार खुद नजर रख रहे थे.
वैज्ञानिक अनुसंधान से मिली सफलता: पुलिस को यह कामयाबी बड़ी मेहनत के बाद मिली है. अपराधी संतोष शातिर दिमाग का है. घटना के बाद वह मोबाइल को बंद कर देता था.
इस कारण पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में देर हो रही थी. लेकिन कहा जाता है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं. पुलिस ने मामले का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से शुरू कर दिया. पुलिस ने अपराधी महिषी महपुरा निवासी विशाल सिंह को गिरफ्तार किया. पूछताछ में मिले सुराग के बाद पुलिस ने नया बाजार लवली आनंद पथ से कार्तिक चौधरी को गिरफ्तार किया. पुलिस ने उसको साथ लेकर उसके महिषी स्थित घर में छापेमारी की तो पुलिस को मोबाइल व सिम बरामद हुआ. जिसके बाद कार्तिक की संलिप्तता की पुष्टि हुई.
पुलिस ने जब कार्तिक से कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो उसने सम्राट का पता बताया. जिसके बाद पुलिस ने कार्तिक से ही सम्राट को फोन करा कर बलुआहा पुल पर बुलाया. जहां पुलिस ने अपना जाल बिछाया था. संतोष यादव उर्फ सूरज सम्राट के आते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पुलिस उसे लेकर सदर थाना पहुंची. जहां पूछताछ में उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और सामान की जानकारी देते संतनगर में होने की बात कही.
नहीं है कोई अपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के हत्थे चढ़े संतोष सम्राट व कार्तिक चौधरी का कोई पूर्व से अपराधिक इतिहास नहीं रहा है. पैसा कमाने की चाह ने उसे अपराध की दुनिया में कदम रखवाया. जल्द से जल्द पैसा कमाने की चाहत में उसने डॉक्टरों को टारगेट करना शुरू किया. लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण सफल होने के बदले पुलिस की गिरफ्त में आ गया. गिरफ्तार संतोष ने बताया कि उसने आइसीआइसीआई, प्रयाग ग्रुप, रिलायंस सहित अन्य बीमा कम्पनियों में नौकरी की है.
बरामद पैसा उसका कमाया हुआ है. अपने आप को निर्दोष बताते कार्तिक को मुख्य आरोपी बता रहा था. वहीं कार्तिक अपने आप को निर्दोष बताते संतोष को सरगना बता रहा है. आखिर सरगना जो भी हो, पुलिस मामले का पटाक्षेप कर समाज में सुरक्षा का वातावरण लाने में कामयाब रही है.
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