निजी क्लीनिक में ताला, ओपीडी ठप
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Aug 2016 7:48 AM (IST)
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डॉक्टरों की हड़ताल. डॉ ब्रजेश से रंगदारी मांगने व धमकी देने का विरोध डॉ ब्रजेश से रंगदारी मांगने व धमकी देने के विरोध में जिला मुख्यालय के सभी डॉक्टर, पैथोलोजिस्ट, एक्सरे संचालकों ने धरना दिया. आंदोलनकारियों ने ओपीडी भी बंद करा दिया. इसससे रोगियों को काफी परेशानी हुई. सहरसा : शहर के जाने माने चिकित्सक […]
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डॉक्टरों की हड़ताल. डॉ ब्रजेश से रंगदारी मांगने व धमकी देने का विरोध
डॉ ब्रजेश से रंगदारी मांगने व धमकी देने के विरोध में जिला मुख्यालय के सभी डॉक्टर, पैथोलोजिस्ट, एक्सरे संचालकों ने धरना दिया. आंदोलनकारियों ने ओपीडी भी बंद करा दिया. इसससे रोगियों को काफी परेशानी हुई.
सहरसा : शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ ब्रजेश सिंह से बुधवार की शाम फोन व मैसेज कर रंगदारी मांगने के विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत गुरुवार की मध्य रात्रि से हड़ताल पर चले गये. शुक्रवार को आइएमए, आइडीए, आयुष, बीसीडीए, एमआर एसोसिएशन, एक्सरे व पैथोलोजिस्ट की ज्वाइंट एक्शन कमेटी द्वारा महाधरना दिया गया. सभी ने घटना की निंदा की. जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के रवैये की तीव्र भर्त्सना की. मामले की सूचना कोसी प्रमंडलीय आइएमए को देकर सहरसा आइएमए द्वारा घोषित हड़ताल में शामिल होने का अनुरोध करने का निर्णय लिया गया. सचिव डॉ राकेश कुमार ने बताया कि मधेपुरा व सुपौल के आइएमए के सदस्य शनिवार को धरना में शामिल होकर अपना स्थिति स्पष्ट करेंगे.
ओपीडी को कराया ठप
महाधरना में शामिल होने आये चिकित्सकों ने सदर अस्पताल में संचालित ओपीडी सेवा को ठप करा दिया. इससे लोगों को काफी परेशानी हुई. ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों ने ओपीडी में कार्यरत चिकित्सकों व कर्मियों को साथ देने की बात कह कार्य से हटने की अपील की.
इसके बाद सभी चिकित्सक व कर्मी ओपीडी छोड़ बाहर निकल गये. ओपीडी के अचानक बंद होने पर मरीजों को काफी परेशानी हुई. लोगों ने डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए काफी मिन्नत की, लेकिन उनकी एक भी बात सुनने के लिए कोई राजी नहीं हुए. सभी डॉक्टर मरीज व उसके परिजनों से सहयोग करने की बात करते रहे.
हड़ताल में शामिल डॉक्टरों ने किया इलाज
सदर अस्पताल ओपीडी में इलाज कराने आये भतरंधा के शिबो दास, मकदमपुर के संजू देवी, महखड़ के उर्मिला देवी, पशुपालन कॉलोनी की मुजू देवी, नरियार के मणिकांत मिश्रा, दुर्गापुर के मो सद्दाम, मो जब्बार सहित दर्जनों मरीजों ने कहा कि सरकारी अस्पताल में हड़ताल की कोई जानकारी नहीं थी. केवल निजी क्लीनिक के बंद होने की जानकारी थी. लेकिन डॉक्टरों ने ओपीडी को भी ठप कर दिया. इसके बाद कुछ मरीज की हालत को देख परिजनों ने धरना पर बैठे डॉक्टरों से जान बचाने की अपील की. मरीज की स्थिति देख कुछ मरीजों का इलाज डॉक्टरों ने धरना स्थल पर ही किया. धरना में आइएमए जिलाध्यक्ष डॉ एसपी सिंह, सचिव डॉ राकेश कुमार, ज्वाइंट एक्शन कमिटी के संयोजक डॉ एके चौधरी, डॉ गोपाल शरण सिंह, डॉ भुवन कुमार सिंह, डॉ एसपी झा, डॉ विमल कुमार, सह संयोजक कैलाश पचेरिया, डॉ ए कलाम, डॉ एके इशर, डॉ एसएन चौधरी, डॉ पीके सिंह, डॉ मोती वर्मा, डॉ सुशील कुमार, डॉ डीपी गुप्ता, डॉ जितेंद्र सिंह, डॉ सीएम चौधरी,डॉ पीके मल्लिक, डॉ ललन कुमार, डॉ शिलेंद्र कुमार, डॉ रंजेश कुमार सिंह, डॉ आइडी सिंह, डॉ अनुज कुमार, डॉ एसके अनुज, डॉ ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ राजीव कुमार, टीपू झा सहित अन्य शामिल थे.
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