जांच में खुलासा, रेलवे के पैसे का निजी उपयोग कर रहे स्टेशन मास्टर

Published at :08 Aug 2016 5:59 AM (IST)
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जांच में खुलासा, रेलवे के पैसे का निजी उपयोग कर रहे स्टेशन मास्टर

सहरसा/समस्तीपुर : मंडल में दर्जनभर से अधिक ऐसे स्टेशन मास्टर हैं जो गुड्स आय के अलावा टिकट ब्रिकी के पैसे का निजी उपयोग कर रहे हैं. मंडल के सहरसा व सोनवर्षा स्टेशन के स्टेशन मास्टर लाखों रुपये पचाये हुए हैं. मामले का खुलासा होने के बाद सीनियर डीसीएम वीरेंद्र कुमार ने आरोपित एएसएम के वेतन […]

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सहरसा/समस्तीपुर : मंडल में दर्जनभर से अधिक ऐसे स्टेशन मास्टर हैं जो गुड्स आय के अलावा टिकट ब्रिकी के पैसे का निजी उपयोग कर रहे हैं. मंडल के सहरसा व सोनवर्षा स्टेशन के स्टेशन मास्टर लाखों रुपये पचाये हुए हैं. मामले का खुलासा होने के बाद सीनियर डीसीएम वीरेंद्र कुमार ने आरोपित एएसएम के वेतन से कटौती का निर्देश दिया है. इससे रेलवे के पैसे का निजी उपयोग करनेवाले रेलकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है.

रेलवे सूत्रों ने बताया कि करीब 160 स्टेशनों वाले इस मंडल में दो दर्जन से अधिक ऐसे एएसएम हैं, जो रेलवे के टिकट बिक्री व माल भाड़े के पैसे का निजी उपयोग कर रहे हैं. ऐसे स्टेशन मास्टरों में सहरसा व सोनवर्षा कचहरी के एएसएम सबसे आगे हैं. सहरसा के एएसएम पर गुड्स मामले के करीब नौ लाख रुपये डेबिट है. उनका मामला नाइट डीसी से जुड़ा है. इसी तरह सोनवर्षा के एएसएम पर गुड्स आय से जुड़ा डेबिट है.

यह तो चंद उदाहरण है, इस तरह के दर्जन भर से अधिक मामले मंडल में लंबित हैं. कई मामलों में जांच के बाद एएसएम के वेतन से कटौती की जा रही है. हालांकि, कटौती का कुछ मामला कोर्ट भी पहुंच गया है.

मामला उजागर होने पर सीनियर डीसीएम ने दिया
वेतन से कटौती का निर्देश
सहरसा व सोनवर्षा के एएसएम के वेतन से शुरू हुई कटौती
निर्देश से रेलवे का पैसा उपयोग करनेवाले एएसएम में हड़कंप
गुड्स आय के मामले में हो रही सबसे
अधिक कटौती, टिकट के पैसे पर भी नजर
रेलवे सूत्रों ने बताया मंडल में दर्जनभर से अधिक साइड स्टेशनों के स्टेशन मास्टर गुड्स आय रेलवे के खाते में जमा करने की बजाय निजी उपयोग में खर्च कर दिये हैं. सूत्रों पर भरोसा करें तो कुछ छोटे स्टेशनों के एएसएम भी टिकट ब्रिकी का पैसा रेलवे के खाते में जमा नहीं किया है. कुछ स्टेशनों पर ऐसे मामले भी उजागर हुए हैं. इसमें टिकट ब्रिकी के पैसे के खर्च का ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया गया है. उस तरह के मामले को भी सीनियर डीसीएम ने अनियमितता मानते हुए कटौती का आदेश दिया है.
एक वरीय अधिकारी ने भी किया था निजी उपयोग
रेलवे सूत्रों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व मंडल के एक वरीय अधिकारी ने भी बाढ़ के दौरान रेलवे के पैसे से लैपटॉप, मोबाइल आदि की खरीदारी कर ली थी. इसके अलावा उन्होंने करीब 50 लाख रुपये का लेखा-जोखा नहीं पेश किया था. मंडल से स्थानांतरण के बावजूद अधिकारी के वेतन से अब तक कटौती की जा रही है.
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