तीन दिवसीय उग्रतारा महोत्सव की शीघ्र हो घोषणा

महिषी : पर्यटन विभाग बिहार सरकार द्वारा 15 नवंबर से 16 मार्च के बीच आयोजित होने वाली महोत्सवों की जारी सूची में उग्रतारा महोत्सव का नाम शामिल नहीं किये जाने से स्थानीय बुद्धिजीवियों व समाजसेवियों में क्षोभ व आक्रोश पनपने लगा है. मालूम हो कि वर्ष 2012 में स्थानीय ऐतिहासिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को […]
महिषी : पर्यटन विभाग बिहार सरकार द्वारा 15 नवंबर से 16 मार्च के बीच आयोजित होने वाली महोत्सवों की जारी सूची में उग्रतारा महोत्सव का नाम शामिल नहीं किये जाने से स्थानीय बुद्धिजीवियों व समाजसेवियों में क्षोभ व आक्रोश पनपने लगा है.
मालूम हो कि वर्ष 2012 में स्थानीय ऐतिहासिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को जान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रमंडलीय सेवा यात्रा की शुरुआत यहीं महिषी से ही की थी.
उग्रतारा की पूजा व महामीमांसक मंडन व भारती की कर्मस्थली पर अबोध बच्चों के सस्वर वेद मंत्र व दुर्गा ध्यान मंत्रों के पाठ से उन्हें वर्तमान परिवेश में भी संस्कृति व संस्कृति के जीवंत होने का एहसास हुआ. उसी समय तत्कालीन पर्यटन सचिव को उग्रतारा मंदिर सहित मंडनधाम के विकास व उग्रतारा महोत्सव का डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया था.
शक्तिपीठों में एक भगवती उग्रतारा का महोत्सव आश्विन के प्रसिद्ध शारदीय नवरात्र में शुरू हुई व सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने स्वयं पहले महोत्सव का उद्घाटन किया था. सौंदर्यीकरण का काम है अधूरामंदिर व मंडन धाम के सौंदर्यीकरण में तीन करोड़ 26 लाख का आवंटन भी हुआ जो अब तक संवेदक की मनमानी व विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण लंबित है व निर्माण से आगंतुकों को सुविधाएं अप्राप्त है.
प्रखंड क्षेत्र में कोसी नदी पर पुल-पुलियों व तटबंधों की मरम्मती व विकास को देख कर स्थानीय लोगों ने जिले के सभी चारों विधानसभा क्षेत्र में विकास पर मुहर लगायी. नयी सरकार से स्थानीय लोगों को और अधिक अपेक्षाओं की पूर्ति व विकास में गति का एहसास हो रहा है. पर्यटन विभाग द्वारा अक्टूबर माह में तीन दिवसीय महोत्सव की तैयारी पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन होने व चुनाव आयोग से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उग्रतारा महोत्सव-2015 का आयोजन नहीं हो सका.
22 नवंबर के प्रभात खबर के राज-पाट में संभावित मेला व महोत्सवों की जारी सूची में उग्रतारा महोत्सव का विलोपन देख आम आवाम को राजनीतिक छल होने की चिंता सताने लगी है.
सेवानिवृत्त शिक्षक माणिकचंद्र झा, पवन कुमार चौधरी, बबन, पीयूष रंजन का कहना है कि उग्रतारा महोत्सव का अविलंब आयोजन हो. स्थानीय चारों विधायक मुख्यमंत्री को पुन: उग्रतारा दर्शन व महोत्सव उद्घाटन के लिए आमंत्रित करें व लंबित विकास योजनाओं को पूरा करवा कर विकास को मूर्त रूप प्रदान करें.
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