महाअष्टमी पर देवी का दर्शन करने पहुंची गीता

Published at :20 Oct 2015 6:50 PM (IST)
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महाअष्टमी पर देवी का दर्शन करने पहुंची गीता

महाअष्टमी पर देवी का दर्शन करने पहुंची गीता नवरात्रा के मौके पर फलाहार कर रही है गीता लाहौर के मंदिर में देवी से ली आशीर्वादकुमार आशीष, सहरसा नगरपाकिस्तान से लौट रही भारत की बेटी गीता के स्वदेश लौटने में देरी की मुख्य वजह नवरात्रा की पूजा को बताया गया है. मंगलवार को महाअष्टमी प्रवेश करने […]

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महाअष्टमी पर देवी का दर्शन करने पहुंची गीता नवरात्रा के मौके पर फलाहार कर रही है गीता लाहौर के मंदिर में देवी से ली आशीर्वादकुमार आशीष, सहरसा नगरपाकिस्तान से लौट रही भारत की बेटी गीता के स्वदेश लौटने में देरी की मुख्य वजह नवरात्रा की पूजा को बताया गया है. मंगलवार को महाअष्टमी प्रवेश करने के साथ ही ईदी फाउंडेशन के लोगों ने समीप के प्रमुख दुर्गा मंदिरों में दर्शन के लिए ले गये. जहां गीता ने माता के दर्शन किये. फाउंडेशन के संस्थापक अब्दुल सत्तार ने बताया कि गीता को पूजा करने के लिए अलग कमरा शुरु से ही दिया गया है. जिसमें गीता अपना मंदिर बना कर प्रति दिन पूजा अर्चना करती है. उन्होंने कहा कि संस्था के सभी लोग राम-रहीम के भक्ति से बंधे हुए है. फलाहार कर रही है गीता संस्था के संस्थापक ने बताया कि नवरात्रा में कलश स्थापना के बाद से ही फलाहार में रहकर पूरी निष्ठा के साथ गीता रहती थी. भारत से माता-पिता की तस्वीर को पहचानने के बाद गीता भागती हुई कमरे में बने मंदिर के सामने बैठकर रोती रही थी. उस दिन हमे लगा कि रोजाना भगवान को याद करने वाली गीता की मुराद पुरी हो गयी. ज्ञात हो कि गीता फलाहार में रोजाना सेब, केला के अलावा दुध पी रही है. संस्थापक ने बताया कि गीता बुधवार को नवमी के बाद व्रत समाप्त करेगी. लाहौर के सभी मंदिर में की पूजामंगलवार की सुबह गीता ने लाहौर स्थित दुर्गा मंदिर के अलावा गुरु अर्जन देव मंदिर व कृष्णा मंदिर में भी पहुंच मत्था टेका. इस दौरान संस्था के लोग भी गीता के साथ थे. फाउंडेशन में बनी रहेगी मंदिरसंस्थापक अब्दुल सत्तार की पत्नी इदी ने बताया कि गीता के भारत लौटने के बाद भी संस्था में मंदिर बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि गीता की आस्था ने उनलोगों को भी जोड़े रखा है. गीता जब कभी पाकिस्तान आयेगी तो अपने भगवान को देखेगी. यह उसका भी घर है. उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्था संभालने के लिए फाउंडेशन में कार्यरत दूसरे हिंदु समुदाय के लोगों को कहा गया है. फोटो-गीता 24- महाअष्टमी पर लाहौर के मंदिर पहुंची गीता फोटो- गीता 25- कृष्ण मंदिर में प्रणाम करती गीताविदेशी मूल्क में काम आया भारत का बेटा गुजरात में ही पैदा हुए है ईदी फाउंडेशन के संस्थापक निरंजन / सिमरी बख्तियारपुर11 वषार्ें से पाकिस्तान में रह रही गीता के मुंह बोले पिता ईदी फाउडेशन के संस्थापक सह प्रख्यात समाजसेवी अब्दुल सत्तार ईदी का संबंध भी भारत से जुड़ा है. अपने समाजिक कायार्ें के बल पर देश व दुनियां में पहचाने जाने वाले अब्दुल सत्तार ईदी ने 11 वर्ष पूर्व भारत से भटक कर समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान पहुंची मुक-बधिर गीता को वर्ष 2003 में लाहौर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में अकेली पाकिस्तानी रेंजरों को मिलने के बाद परवरिश हेतू ईदी फाउडेशन को सौंप दिया था. जिसे अब्दुल सत्तार व बिल्किस बानो ईदी व परिवार ने बड़े लाड़ प्यार से पाल कर भारत के दिलों में भी अपनी खास पहचान बनाई. कम ही लोगों को पता होगा पाकिस्तान के पीर कहे जाने वाले अब्दुल सत्तार ईदी का जन्म गुजरात के बंतोवा जानो गार गांव में वर्ष 1928 ई को मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन में वे करांची चले गए जहां शुरुआती दौर में उन्होनें कपड़े का व्यवसाय शुरु किया था. सामाजिक कायार्े में रुची रहने के कारण व्यवसाय में मन नहीं लगा तो दिन-दुखियों की सेवा कों ही उन्होंने अपना धर्म समझ लिया. काफी संपन्न है ईदी फाउंडेशन1948 ई में शुरु किया गया ईदी फाउडेशन में कुल 500 एम्बुलेंस, 3 एयरबेस एम्बुलेंस, 300 प्रशिक्षण केन्द्र 24 हास्पीटल व 6 हेलीकॉपटर सहित अन्य सुविधाऐं संस्था को है. अब्दुल सत्तार को पाकिस्तान के सवार्ेच्च पुरस्कार के साथ-साथ देश और दुनियां में कई पुरस्कार मिल चुका है. वर्ष 2007 में समाज में शांति व प्रेम व सौहार्द के वातावरण बनाए रखने के कारण भारत सरकार ने गांधी पीस अवार्ड से उन्हें सम्मानित भी कर चुकी है. ईदी फाउंडेशन पाकिस्तान, बंग्लादेश, कनाडा, ईराक, ईरान सहित अन्य दर्जनों देशों में संचालित किए जा रहें हैं.बेटी की तरह विदा होगी गीतागीता को पाकिस्तान से विदा करने के लिए फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा काफी तैयारी की जा रही है. बिल्किस ईदी ने बताया कि सभी सदस्यों का इतने वर्षो में गीता से गहरा लगाव हो गया है. उन्होंने बताया कि गीता की विदाई में एक आभूूषण सेट 2 जोड़े साड़ी सहित अन्य सामान दी जाएगी. जिसे गीता हमेशा याद रखेगी. बेटे को भी मां का इंतजारलुधियाना के रामनगर में मामा के घर रह रहे गीता के पुत्र संतोष अपनी मां के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.मां के घर वापस आने को लेकर वो खासा उत्साहित है.फोटो- गीता 27- फाउंडेशन के संस्थापक के साथ बैसाखी के मौके पर गीता होती थी शामिलफोटो- गीता 26- फाउंडेशन के सदस्यों व पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ गीता फोटो- गीता 28- गीता को आशीर्वाद देते संस्थापक अंतत: 12:50 की फ्लाइट से दिल्ली पहुंच गये जनार्दनविदेश मंत्रालय के निर्देश पर दंडाधिकारी भी भेजे गये साथआयुष कुमार, सिमरी नगर सोमवार की रात नाटकीय अंदाज में हीरा उर्फ गीता के पिता जनार्दन महतो को रातो रात प्रशासन के सहयोग से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया. ज्ञात हो कि जिला प्रशासन को केन्द्रीय गृह मंत्रालय से मिले पत्र के बाद हड़कत में आया. जिसके बाद आनन-फानन मे हीरा के पिता को दिल्ली ले जाने के लिए प्रयास शुरु किया गया़ शाम लगभग साढ़े सात बजे चिडैया ओपी अध्यक्ष द्रवेश कुमार के सहयोग से जनार्दन महतो,उनके बेटे बलराम महतो और सम्बन्धी कथेश्वर महतो को नदी पार करवाया गया़ तत्पश्चात सलखुआ प्रखंड विकास पदाधिकारी के गाड़ी से सभी को सिमरी अनुमंडल कार्यालय लाया गया जहां कुछ देर रुकने के बाद सभी को सहरसा लाया गया़ सहरसा से देर रात जनार्दन,बलराम और कथेश्वर वाहन द्वारा पटना रवाना हुए़ पहली बार हवाई जहाज में बैठे जनार्दन सुबह चार बजे पटना पहुंचने के उपरांत दोपहर लगभग बारह बज कर 55 मिनट पर प्लेन द्वारा जनार्दन महतो दिल्ली रवाना हुए और उनके पुत्र बलराम और सहयोगी कथेश्वर पटना से सिमरी बख्तियारपुर वापस लौट आये़ जनार्दन के साथ बतौर दंडाधिकारी सौरबाजार के मनरेगा पीओ मनोज कुमार भी गये है. गुपचुप घर से निकले जनार्दनजनार्दन महतो को कबीरा से पटना ले जाने मे इतनी गोपनीयता बरती गई की कबीरा धाप के ग्रामीणों को भी जनार्दन महतो के दिल्ली जाने की सुचना मंगलवार सुबह हुई़ वही दिल्ली जाने से पूर्व सोमवार को हीरा उर्फ गीता के पिता जनार्दन महतो की तबियत खराब हो गई़ जिसके बाद ग्रामीण चिकित्सको के सहयोग से उपचार कर पानी चढाया गया़मिनट टू मिनट जनार्दन सोमवार शाम 7 बजकर चालीस मिनट पर कबीरा धाप से नदी पार किये 9 बजे रात जनार्दन महतो सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल पहुंचेरात 10 बजे सहरसा पहुंचे रात 11 बजे सहरसा से जनार्दन,बलराम और कथेश्वर महतो पटना रवाना मंगलवार सुबह चार बजे सभी पटना पहुंचे दोपहर 12 बजकर 55 मिनट पर प्लेन से दिल्ली रवाना दोपहर लगभग तीन बजे दिल्ली पहुंचेफोटो- गीता 23- निजी गाड़ी से पटना हवाई अड्डा जाते गीता के पिता जनार्दन महतोफोटो- गीता 29- गीता की तस्वीर

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