बदलते मौसम में बीमार हो रहे लोग
Updated at : 05 Nov 2017 6:52 AM (IST)
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मौसम के बदले मिजाज के साथ ही जिले में कई बीमारियों ने एक साथ दस्तक दे दी है. सहरसा : वायरल फीवर के मरीजों से अस्पताल पटा पड़ा है, तो दूसरी ओर कोल्ड डायरिया बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है. सदर अस्पताल के फिजिसियन डॉ विनय सिंह ने बताया कि मौसम […]
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मौसम के बदले मिजाज के साथ ही जिले में कई बीमारियों ने एक साथ दस्तक दे दी है.
सहरसा : वायरल फीवर के मरीजों से अस्पताल पटा पड़ा है, तो दूसरी ओर कोल्ड डायरिया बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है. सदर अस्पताल के फिजिसियन डॉ विनय सिंह ने बताया कि मौसम के बदलने के कारण वायरल फीवर होता है. जब भी मौसम बदलता है तो तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है. वैसे तो यह सामान्य फीवर की तरह ही होता है लेकिन, इसे नजरअंदाज करने से शरीर में वायरस पनपने लगते हैं. डॉ विनय ने बताया कि लोग अपने मन से एंटीबायोटिक व पेनकीलर दवाएं ले लेते हैं, लेकिन बिना डॉक्टर के परामर्श के दवा लेने से परहेज करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि वायरल फीवर के शुरुआती लक्षणों में थकान, गले में दर्द, खांसी, जलन व फीवर होता है. शुरू में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे ही ये लक्षण दिखें तो पीड़ित को तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए. मौसम ने करवट ले ली है. ठंड दस्तक दे चुका है. मौसम में कभी गरमी तो कभी ठंडक है. ऐसे बदलते मौसम में लोगों के बीमार होने के मामले भी अधिक हो गये है. ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजों में से सर्दी खांसी, बुखार के पीड़ित हैं. खासकर बच्चों व बुजुर्गों में बदलते मौसम को लेकर अधिक सावधानी बरते जाने की जरूरत है.
स्वाइन फ्लू की चपेट में आ सकते हैं आप
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. इस बीमारी
मच्छरदानी व फेशियल मास्क का करें उपयोग
बदलते मौसम के साथ ही वातावरण में पर्व के तुरंत बाद प्रदूषण भी अधिक फैल जाता है. इससे लोगों को कई बीमारी से दो- चार होना पड़ता है. ऐसे में लोगों को फेशियल मास्क, मास्क्युटो रिपेलेंटव मास्क्युटो नेट का उपयोग करना चाहिए, ताकि मौसम में बदलाव के साथ वायरल इंफेक्शन से बचा जा सके. डॉक्टर ने बताया कि दीपावली व छठ पर्व के समय पटाखा व दीप से निकलने वाला धुआं वातावरण में फैल जाता है. इसके कारण वायरल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. लोग, सर्दी, खांसी, इंफ्लुऐंजा, डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारी के भी शिकार हो सकते हैं. इसके अलावा मच्छरों का प्रकोप भी इस मौसम में ज्यादा होता है.
सावधानी भी बचाव है : सदर अस्पताल के चिकित्सक बताते हैं कि सुबह की सैर करने वालों को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक मेहनत अधिक करना चाहिए, हालांकि दमे के मरीज व रक्तचाप वाले मरीज को मेहनत से बचना होगा.
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