वर्षों से जुगाड़ पर चल रहा बिजली सप्लाइ का कार्य

Published at :12 Apr 2017 3:48 AM (IST)
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वर्षों से जुगाड़ पर चल रहा बिजली सप्लाइ का कार्य

हाल बाराडीह गांव का तार टूट कर गिरने से अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं काराकाट : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना के तहत बिहार के विकास को नया आयाम देने का सफल प्रयास किया जा रहा है. सात निश्चय योजना में एक योजना ये भी है कि हर घर में बिजली की […]

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हाल बाराडीह गांव का

तार टूट कर गिरने से अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं
काराकाट : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना के तहत बिहार के विकास को नया आयाम देने का सफल प्रयास किया जा रहा है. सात निश्चय योजना में एक योजना ये भी है कि हर घर में बिजली की सुविधा प्रदान की जायेगी. करीब- करीब पूरे बिहार में बिजली के सर्वेक्षण का कार्य भी पूरा हो चुका है, लेकिन जहां बिजली 20 वर्षों पहले पहुंच चुका हो लेकिन वहां अब तक बांस या लकड़ी का पोल और जुगाड़ से बिजली की सप्लाइ की जाती हो और जानलेवा बनी हुई है. इसकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है. पक्की पोल से बिजली की सप्लाइ की मांग ग्रामीणों द्वारा लगातार की जाती रही,
लेकिन विभागीय लापरवाही से अब तक पक्के पोल नहीं लगाये गये. बाराडीह पंचायत में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब पांच सौ से ज्यादा है. बिजली का बिल भी सही समय पर उपभोक्ताओं द्वारा चुकाया जाता है फिर भी बिजली विभाग के पदाधिकारी जुगाड़ के सहारे ही काम चलाने पर तुले हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि तार गिरने का हमेशा डर बना रहता है. कई बार बांस का पोल सड़ कर गिर चुका है. इससे कई जानवर की मौत इसकी चपेट में आने से मौत चुकी है. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में कार्यरत कनीय बिजली अभियंता से कई बार पक्का पोल लगाने को कहा गया था. आश्वासन देते-देते उनका स्थानांतरण भी हो गया, लेकिन अब तक बिजली का पक्का पोल नहीं लग पाया. सबसे हैरत की बात यह है कि लकड़ी और बांस के पोल से बिजली का कनेक्शन उपभोक्ताओं को कैसे दिया गया. जबकि विभागीय निर्देश है कि बिजली उपभोक्ताओं को पक्के पोल से ही बिजली कनेक्शन देना है. बाराडीह गांव में कहीं- कहीं पक्का पोल दिया गया है. बाकी पूरे गांव में बांस तथा लकड़ी के पोल से ही काम चलाया जाता रहा है. बिजली उपभोक्ताओं व ग्रामीणों का कहना है कि जब बांस व लकड़ी का पोल सड़ जाता है, तो गांव में चंदा करके नया लकड़ी का पोल लगाया जाता है. फिर उसी पोल से बिजली की सप्लाइ की जाती है. विभागीय लापरवाही के कारण ही अब तक पक्का पोल नहीं लगा.
बाराडीह निवासी ज्वाला प्रसाद का कहना है कि बिजली विभाग के पदाधिकारियों को पक्का पोल लगाने को लेकर वर्षों से लगातार लिखित दे थक चुके हैं, लेकिन बिजली विभाग के पदाधिकारी अब तक अनसुना करते आ रहे हैं. विकास चौधरी का कहना है कि बिजली विभाग के पदाधिकारी सिर्फ पक्का पोल लगाने की बात तो करके जाते हैं, लेकिन अब तक पक्का पोल नहीं लगा. आश्वासनों का दौर कब थमता है समझ में नहीं आता. निवासी मनोज कुमार का कहना है कि लकड़ी के पोल से बिजली उपभोक्ताओं को बिजली का कनेक्शन देने व बिजली जलाने की अनुमति किस कानून के तहत दिया गया ये समझ से परे है.
बोले पदाधिकारी
बिजली विभाग ने पोल तार लगाने की सारी जिम्मेवारी फ्रेंचाइजी को दी है. प्रोजेक्ट के तहत ही कार्य किया जा रहा है. जल्द ही तार और पोल लग जाएगा.
पवन कुमार, कनीय अभियंता
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