बैरंग लौटीं नाजिया राजनीति. मुख्य पार्षद के चैंबर में जड़ा ताला

Published at :26 Mar 2017 3:31 AM (IST)
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बैरंग लौटीं नाजिया राजनीति. मुख्य पार्षद के चैंबर में जड़ा ताला

नगर पार्षदों ने डीएम से लगायी हाइकोर्ट के आदेश पर अमल कराने की गुहार सासाराम कार्यालय : हाइकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को बतौर मुख्य पार्षद नाजिया बेगम नगर पर्षद कार्यालय पहुंचीं, तो उनके चैंबर में ताला जड़ा था. वे दो घंटे तक चेंबर के बाहर उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह व अन्य पार्षदों […]

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नगर पार्षदों ने डीएम से लगायी हाइकोर्ट के आदेश पर अमल कराने की गुहार

सासाराम कार्यालय : हाइकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को बतौर मुख्य पार्षद नाजिया बेगम नगर पर्षद कार्यालय पहुंचीं, तो उनके चैंबर में ताला जड़ा था. वे दो घंटे तक चेंबर के बाहर उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह व अन्य पार्षदों के साथ बैठी रही. इस दौरान चाबी की खोज होते रही. बकौल नाजिया बेगम ‘कार्यपालक पदाधिकारी को तीन बार फोन किया गया.
उनसे बातें हुई, उन्होंने भी ताले की चाबी की जानकारी से इनकार किया. मेरे बुलाने के बाद भी वे चेंबर के पास नहीं आये. कर्मचारियों से पूछने पर एक स्वर में चाबी की जानकारी होने से सभी ने इनकार किया.’ नाजिया ने कहा कि यह सरासर अफसरशाही है. हाइकोर्ट के आदेश की अवहेलना है. डीएम को भी इसकी सूचना दे दी गयी है. उन्होंने कहा कि किसी महिला जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का बरताव नहीं होना चाहिए. कार्यपालक पदाधिकारी को राजनीति से कोई लेना देना नहीं होना चाहिए.
हाइकोर्ट के आदेश का होगा पालन : कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मैं उस समय कलेक्ट्रेट में था. मुख्य पार्षद के चेंबर में ताला किसने लगाया और चाबी किसके पास है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है. कर्मचारियों से इसकी पूछताछ की जायेगी. नाजिया को मुख्य पार्षद मानने के सवाल पर कहा कि हाइकोर्ट का आदेश का हर हाल में पालन होगा. उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग से इस संबंध में कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है.
किसी को पता नहीं, ताला कौन लगाया, चाबी किसके पास
‘बिहार में हो रही लोकतंत्र की हत्या’
मुख्य पार्षद के साथ उनके बंद पड़े चेंबर के सामने खड़े उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि मुख्य पार्षद के चेंबर में ताला लगाना निंदनीय कार्य है. मुख्य पार्षद के बुलावे पर कार्यपालक पदाधिकारी को आना चाहिए था. उन्होंने कहा कि बिहार में अफसरशाही बढ़ गयी है. हाइकोर्ट के आदेश को भी मानने में अफसर टालमटोल करने लगे हैं. नहीं तो क्या कारण है कि कोर्ट का लिखित आदेश नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को मिले, करीब एक सप्ताह हो गये हैं और उस पर अब तक कोई निर्देश डीएम को नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि कोर्ट का आदेश इतना स्पष्ट है कि डीएम इस पर स्वत: संज्ञान ले सकते हैं. लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है.
नगर पर्षद के कार्यालय स्थित मुख्य पार्षद के चेंबर में ताला बंद करने के मामले को लेकर शनिवार को पार्षदों का दल डीएम से मिला. पार्षदों ने हाइकोर्ट के आदेश को दिखाते हुए नगर पर्षद में सुबह के प्रकरण पर नाराजगी जतायी. पार्षदों ने डीएम से शिकायत की कि कार्यपालक पदाधिकारी जान बूझ कर मुख्य पार्षद को नीचा दिखाने के लिए इस तरह की हरकत कर रहे हैं.
चंद दिन ही बचे हैं. चुनाव आनेवाला है. ऐसे में नगर पर्षद का बजट पारित करना जरूरी है. डीएम अनिमेष कुमार पराशर ने कहा कि हाइकोर्ट के आदेश का पालन होगा. उन्होंने पार्षदों से दो दिन तक इंतजार करन को कहते हुए कहा कि विभाग से इस दिशा में निर्देश प्राप्त करने की कोशिश की जायेगी. निर्देश मिलने पर कार्रवाई होगी. पार्षदों के दल में उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह, दशरथ प्रसाद, अतेंद्र कुमार सिंह, रेयाज अहमद, खुर्शीद अनवर, वीरेंद्र प्रसाद चौरसिया आदि थे.
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