हटाया जायेगा अतिक्रमण
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :06 Dec 2016 5:28 AM (IST)
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निर्णय. मकबरा तालाब बचाने के लिए प्रशासन ने कसी कमर सासाराम : शेरशाह मकबरा तालाब के इनलेट नहर के किनारे बसी अवैध बस्तियां नहर के विकास में रोड़ा है. बस्ती के लोग नालियों का पानी, कूड़ा कचरा व शौच नहर में गिराते हैं. इनलेट नहर गंदगी से पट गया है. बरसात के दिनों में गंदगी […]
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निर्णय. मकबरा तालाब बचाने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
सासाराम : शेरशाह मकबरा तालाब के इनलेट नहर के किनारे बसी अवैध बस्तियां नहर के विकास में रोड़ा है. बस्ती के लोग नालियों का पानी, कूड़ा कचरा व शौच नहर में गिराते हैं. इनलेट नहर गंदगी से पट गया है. बरसात के दिनों में गंदगी पानी मकबरा तालाब में जाता है जिससे मकबरा तालाब का पानी पूरी तरह प्रदूषित हो जाता है. प्रदूषित पानी मकबरा के अस्तित्व के लिए खतरनाक है. वहीं, आउटलेट नहर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है.
जिला प्रशासन ने इसको गंभीरता से लिया है और जल्द ही नहरों से अतिक्रमण हटाया जायेगा और साथ ही नहरों के किनारे घेराबंदी की जायेगी ताकि कोई गंदगी न फेंक सके. इसके साथ ही नहरों के किनारे पार्क का भी निर्माण किया जायेगा.
गौरतलब है कि मकबरा तालाब में गंदगी को देखते हुए रेवोलुशन अगेंस्ट पॉल्यूशन (रैप) नाम की एक एनजीओ ने मकबरा तालाब के पानी की जांच की थी. इसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी थी. रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली से अधिकारियों की टीम जांच के लिये सासाराम आयी थी. अधिकारियों ने रिपोर्ट के आधार पर पुरातत्व विभाग व स्थानीय प्रशासन को मकबरा तालाब व इनलेट और आउटलेट नहरों की तत्काल सफाई का निर्देश दिया था.
इसी आलोक में जिला प्रशासन नहरों की सफाई की कवायद में जुट गयी है. विगत तीन वर्ष पूर्व इनलेट नहर की जिला प्रशासन द्वारा सफाई करायी गयी थी. तीन वर्षों में ही नहर पूर्ववत स्थिति में आ गयी है. बेदा नहर से लेकर मकबरा तालाब तक इनलेट नहर के किनारे अतिक्रमण है. कहीं लोगों नहर के किनारे घर बना लिया है तो कहीं पार्किंग नहर के दोनों तरफ रिहायशी क्षेत्र बन गये हैं. साथ ही लोग नाली का पानी व कचरा नहर में गिराते हैं. कुछ जगहों पर तो नहर का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है.
मकबरा तालाब में साफ पानी भरने के लिये ही इनलेट नहर का निर्माण हुआ है. पहले गारा लाइन नहर से मकबरा तालाब में पानी लाया जाता था. जगजीवन कैनाल के निर्माण के बाद इसका उपयोग बंद हो गया. लोग इस नहर के महत्व को नहीं समझ रहे हैं.
कोर्ट ने भी दिया था आदेश: मकबरा तालाब का पानी प्रदूषित न हो, इसके लिए एक जनहित याचिका दायर की गयी थी. उच्च न्यायालय पटना द्वारा मकबरा तालाब में नहाने और कपड़े धोने व मूर्ति विसर्जन पर रोक लगायी गयी थी.आदेश का जिला प्रशासन मुस्तैदी से पालन कर रही है. मगर इनलेट नहर में नालियों का पानी व गंदगी जाने से रोक नहीं लगा सकी.
प्रदूषित पानी मकबरे के अस्तित्व के लिए खतरनाक
क्या कहते हैं जिलाधिकारी
शेरशाह का मकबरा ऐतिहासिक धरोहर है. इससे जुड़े इनलेट व आउटलेट नहर महत्वपूर्ण हैं. दोनों नहरों की पूरी तरह साफ-सफाई की जायेगी. इनलेट नहर के किनारे से अतिक्रमण हटाया जायेगा. इसके बाद इसकी घेराबंदी कर सुंदर पार्क का निर्माण कराया जायेगा. फजलगंज स्थित इनलेट नहर के किनारे बसी अवैध बस्ती इनलेट नहर के लिए खतरनाक है. बस्ती वाले इनलेट नहर को लगातार गंदा करते रहे हैं. वहीं, गैस एजेंसी मोड़ स्थित फुटपाथी दुकानों को हटाया जायेगा. पहले भी उन्हें चेतावनी दी गयी है. यह गंभीर मामला है. प्रशासन सख्ती से निबटेगी.
अनिमेष कुमार पराशर,डीएम,रोहतास
अवैध बस्ती बनी बाधक
फजलगंज गैस एजेंसी मोड़ के समीप नहर किनारे बसी अवैध बस्ती विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है. इस बस्ती में एक दर्जन झोपड़ियां हैं, इसमें रहने वाले लोग गंदगी नहर में ही गिराते हैं. शौच भी वहीं करते हैं. गैस एजेंसी मोड़ पर आधा दर्जन फुटपाथी दुकान हैं. इन दुकानों का कचरा भी इसी नहर में गिरता है. आगे बढ़ने पर फजलगंज बस्ती शुरू होती है. बस्ती के घरों की नालियों का पानी नहर में गिरता है. कई घरों में खटाल चलते हैं और इन खटालों की गंदगी भी नहर में ही गिरती है.
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