हाइकोर्ट के आदेश का नहीं हो रहा पालन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Dec 2016 8:16 AM (IST)
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जाम के समय वाहनों को निकालने में छूट जाते हैं पुलिस के पसीने सासाराम नगर : जिला प्रशासन शहर में एक मुकम्मल चौराहा बना पाने में विफल है़ फिलहाल शहर का कोई ऐसा चौराहा नहीं है, जहां अतिक्रमणकारियों का कब्जा न हो़ अतिक्रमण से चौक-चौराहों का स्थिति बदतर हो गयी है. इससे रोज शहर के […]
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जाम के समय वाहनों को निकालने में छूट जाते हैं पुलिस के पसीने
सासाराम नगर : जिला प्रशासन शहर में एक मुकम्मल चौराहा बना पाने में विफल है़ फिलहाल शहर का कोई ऐसा चौराहा नहीं है, जहां अतिक्रमणकारियों का कब्जा न हो़ अतिक्रमण से चौक-चौराहों का स्थिति बदतर हो गयी है. इससे रोज शहर के पुरानी जीटी रोड पर जाम लगा रहता है. घंटों जाम में लोग फंसे रहते हैं. कई बार तो एंबुलेंस व कैदी वाहन भी फंस जाते है. उस समय इन वाहनों को निकालने में पुलिस के पसीने छूट जाते हैं. स्कूली वाहन व यात्री वाहन का जाम में फंसा तो रोजमर्राकी बात हो गयी है. जाम भी ऐसा कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है.
पोस्ट ऑफिस चौक शहर का मुख्य चौराहा है. जाम इसी चौराहे से शुरू होती है. जाम तेजी से पूरे शहर को अपने आगोश में ले लेता है. शहर की सभी मुख्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है. शहर की गतिविधि थम जाती है.
अतिक्रमणकारी शहर की शक्ल व सूरत बिगाड़ कर रख दिये है. पहले चौक पर किनारे चाय पान व छोटे मोटे रोजगारवाले होते थे. जो सड़क से दूर रहते थे. इन दिनों शहर में एक नयी चलन शुरू हो गयी है.
सैकड़ों की तादाद में सब्जी व फल बेचनेवाले अपने ठेला को सड़क पर खड़ा कर सड़क को जाम कर देते है. पुरानी जीटी रोड पर बौलिया मोड से संत पॉल मोड़ तक लगभग तीन किलोमीटर तक इनका कब्जा रहता है. धर्मशाला रोड, रौजा रोड की स्थिति दयनीय है. बीच सड़क पर ठेला लगा सबजी व फल बेचते हैं. शाम में लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. दोनों शहर की मुख्य सड़कें है. धर्मशाला रोड शहर का मुख्य बाजार है, तो रोजा रोड में सदर अस्पताल, निजी अस्पताल व दवा दुकानों की भरमार है. इसी रोड से पर्यटक मकबरा का दीदार करने पहुंचते हैं. इसकी दशा देख पर्यटक कई बार स्थानीय प्रशासन से शिकायत भी कर चुके हैं.
80 फुट चौड़ी सड़क दिख रही 20 फुट की
शहर के मुख्य चौक पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है. वहां प्रशासन व पुलिस का चलता ही कहां है. अगर इनका ध्यान होता अौर अतिक्रमण करनेवालों में इनका भय होता तो पोस्ट ऑफिस चौक की यह दुर्दशा कतई नहीं होती. पहले यहां 80 फुट चौड़ी सड़क थी, जो अब मात्र 20 फुट की ही दिखती है.
पहले जिला प्रशासन पोस्ट ऑफिस चौराहे को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त कराये और उसके बाद फिर यहां बड़ा गोलंबर व फुटपाथ की घेराबंदी कर रंग-रोगन करा कर फूल-पौधे लगाये जायें, ताकि देखने में भी जगह सुंदर लगे और बड़े वाहनों का घुमाव भी आसानी से हो सके. जाम तो स्वतः समाप्त हो जायेगा.
कमला पांडेय, वरीय अधिवक्ता सिविल कोर्ट
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