20.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

नहीं हुई परिसर की घेराबंदी

सासाराम नगर : गया-मुगलसराय रेल खंड पर सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला सासाराम स्टेशन है. इसे मॉडल स्टेशन का भी दर्जा प्राप्त है. यात्री भाड़ा से लगभग 24 करोड़ रुपये सालाना आय होता है़ शहर भी ऐतिहासिक है. यहां कई ऐतिहासिक धरोहर व धार्मिक स्थल है.देश के कोने कोने से पर्यटक इस शहर में पहुंचते […]

सासाराम नगर : गया-मुगलसराय रेल खंड पर सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला सासाराम स्टेशन है. इसे मॉडल स्टेशन का भी दर्जा प्राप्त है. यात्री भाड़ा से लगभग 24 करोड़ रुपये सालाना आय होता है़ शहर भी ऐतिहासिक है. यहां कई ऐतिहासिक धरोहर व धार्मिक स्थल है.देश के कोने कोने से पर्यटक इस शहर में पहुंचते हैं. कई मुख्य ट्रेनों का ठहराव भी है. जैसे ही सुविधा व सुरक्षा पर हमारी नजर जाती है. मन निराशा से भर जाता है. इस स्टेशन पर सुविधा व सुरक्षा का केवल खानापूर्ति होती है. पूरा स्टेशन परिसर खुला है. लोग बिना रोक टोक आते जाते हैं. उसी में ट्रैक पार करने के दौरान ट्रेन के चपेट में आ जाते हैं. जिसमें कई की मौत हो चुकी है, तो कई विकलांग हो गये हैं. स्टेशन से एक किलोमीटर पूरब व एक किलोमीटर पश्चिम का क्षेत्र डैंजर जोन है. चूंकि रेलवे ट्रैक शहर को दो भागों में बांटता है.
हालांकि, शहर में दो ओवरब्रिज है. मगर लोग जल्दबाजी के चक्कर में लोग रेलवे ट्रैक पार करते हैं. उसी दौरान मामूली चूक घातक बन जाती है. काफी संख्या में लोग खतराें को नजर अंदाज कर यही गलती बार-बार दुहारते है. दुर्घटना को रोकने के लिए विगत तीन वर्षों से रेल प्रशासन इस क्षेत्र में कुटिला बाड़ लगा घेराबंदी करने की बात कर रही है. मगर, उस पर आज तक अमल नहीं हो सका. सुरक्षा के ख्याल से स्टेशन परिसर पूरी तरह असुरक्षित है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल पुलिस व आरपीएफ मुस्तैद रहती है. लेकिन, खुला होने के कारण पूरी तरह सफल नहीं हो पाती है.
डेंजर जोन में अाये दिन हो रहीं घटनाएं
रेल विभाग द्वारा घोषित डेंजर जोन की अभी तक घेराबंदी नहीं हो सकी है. आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है. धनपुरवा गुमटी से ले कर नयी नहर बेदा पुल तक घनी आबादी है. रेलवे लाइन के दक्षिणी क्षेत्र में शहर का मुख्य बाजार है, तो उत्तरी क्षेत्र में कई शिक्षण प्रतिष्ठान है. यानी रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ लोगों की आवाजाही होती है.
सहूलियत व जल्दबाजी में घटना लगातार घटनाएं हो रही है़ इस वर्ष इस क्षेत्र में लगभग दो दर्जन लोग रेल दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठे है. इसी माह 19 नवंबर की सुबह तीन छात्राएं मालगाड़ी की चपेट में आ गयी. इसमें दो सगी बहनों की घटनास्थल पर मौत हो गयी. तीसरी छात्रा घायल हो गयी. इसी तरह एक एक कर कई लोगों की जान चली गयी जब भी कभी कोई दुखद घटना होती है, तो घेराबंदी की बात होती है. इस में रेल प्रशासन से बड़ा दोषी लोग है. रेलवे ट्रैक पार करने के लिए गुमटी है. दो-दो ओवरब्रिज है. फिर भी लोग वहीं गलती बार-बार दुहारते हैं.
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel