आरटीपीएस केंद्र पर काम कराने आने वाले लोगों के लिए कोई सुविधा नहीं है़ यहां रोक करीब छह सौ आवेदन जमा होते हैं. आठ तरह के होने वाले काम के लिए चार काउंटर बनाये गये हैं. किसी पर भी महिलाओं के अलग से व्यवस्था नहीं है.
सासाराम (ग्रामीण) : सासाराम प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर पर लोगों के लिए किसी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है. गरमी हो या बरसात लोगों को आय, निवास, जाति सहित अन्य प्रमाणपत्र बनवाने आने वाले वाले लोगों को खुले में ही खड़ा रहना पड़ता है. इसकी मुख्य वजह काउंटर पर किसी प्रकार का शेड नहीं होना है.
गौरतलब है कि पहले एक शेड लगा था, लेकिन उसके टूटने के बाद दूसरा शेड नहीं लगाया गया. इसके कारण लोगों को विवश होकर धूप व पानी में कतार में खड़े रहना पड़ता है. आरटीपीएस काउंटर के समीप शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. अंचल कार्यालय के समीप लगे चापाकल की भी हालत है. लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ता है.
कहते हैं अधिकारी
प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी राजू कुमार ने बताया कि वाणिज्य, दाखिल खारिज का कार्य प्रभार अभी मुझे नहीं मिला है. प्रभार मिलने के साथ ही अंचल के बड़ा बाबू को शेड लगवाने का निर्देश दिया जायेगा है.
एक िदन में जमा होते हैं लगभग छह सौ फाॅर्म
आरटीपीएस भवन भी जर्जर स्थिति में है. वहां भी सुविधाओं के टोटा हैं. यहां लगभग आठ तरह के कार्य जाति, निवास, आय, ओबीसी, दाखिल खारिज, पेंशन, तत्काल आनलाइन आदि के लिए मात्र चार काउंटर हैं. एक कर्मचारी दो काम करते हैं. एक दिन में लगभग 600 फाॅर्म जमा किये जाते हैं. कभी-कभी एक काउंटर पर 400 फाॅर्म पहुंच जाता है. महिलाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है. इससे पुरुषों के साथ उन्हें भी लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
बोले लोग
प्रखंड के नहौना निवासी अभिषेक कुमार व गोविना निवासी मान सिंह ने बताया कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शेड के अभाव में तपती धूप हो बरसात में ही खड़ा रहना पड़ता है. शेड व शौचालय नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
फजलगंज निवासी पवन कुमार ने बताया कि यहां हर रोज लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ता है. कड़ाके की धूप व वर्षा के दिनों में बाहर लाइन लगाकर खड़ा रहना पड़ता है. काउंटर के पास शौचालय व शेड की अति आवश्यकता है. अपने कार्य को कराने आये न्यू एरिया निवासी अशोक कुमार ने बताया कि शेड, शौचालय व चापाकल के अभाव में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
