मांगों को ले अखिल भारतीय किसान महासभा ने दिया धरना

Updated at : 15 Nov 2019 8:47 AM (IST)
विज्ञापन
मांगों को ले अखिल भारतीय किसान महासभा ने दिया धरना

सासाराम ग्रामीण : विभिन्न मांगों को ले गुरुवार को अखिल भारतीय किसान महासभा ने समाहरणालय के समक्ष धरना दिया. इसकी अध्यक्षता जवाहर चौधरी ने की. धरना को संबोधित करते हुए अरुण सिंह ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी व कॉरपोरेट परस्त सरकार है. खेती में विकास दर दो फीसदी से भी नीचे चला गया […]

विज्ञापन

सासाराम ग्रामीण : विभिन्न मांगों को ले गुरुवार को अखिल भारतीय किसान महासभा ने समाहरणालय के समक्ष धरना दिया. इसकी अध्यक्षता जवाहर चौधरी ने की. धरना को संबोधित करते हुए अरुण सिंह ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी व कॉरपोरेट परस्त सरकार है. खेती में विकास दर दो फीसदी से भी नीचे चला गया है.

किसानों का कोई परवाह नहीं और हिंदू राष्ट्र बनाने चले है. उन्होंने कदवन डैम पर जोर देते हुए कहा कि डैम का शिलान्यास तीस साल पहले किया गया, अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ. सुशासन की सरकार केवल अश्वासन देने में जुटी है और अपनी जेब भरने से उसे मतलब है.
लेकिन, किसान फसल कैसे उगा सकेंगे, इसका किसी को परवाह नहीं है. वहीं जयेंद्र चौधरी ने पैक्स चुनाव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार वैसे समय में चुनाव करा रही है कि धान खरीद पूरी तरह प्रभावित होगी. उन्होंने जल जीवन हरियाली योजना पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार लोगों की जीवन को हरियाली करने के लिए यह योजना चलायी है.
इस योजन से कितने गरीब बेघर हो रहे है. सरकार गरीबों को तीन डीसमिल जमीन देने की घोषणा की थी. लेकिन ,सरकार की घोषणा धरी की धरी रह गयी. आज इनके योजना से बेघर होने वालों का कोई सहारा नहीं बना रहा है. अब कहा जाये ये लोग इस पर सरकार का कोई जवाब ही नहीं है.
वहीं महासभा के विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि कदवन डैम का जल्द निर्माण सरकार को करानी चाहिए, जिससे किसानों को सिंचाई की सुदृढ़ व्यवस्था हो सके. सरकार किसानों को आश्वासन पर जिंदा रखी हुई है. धान खरीद में 65 रुपये समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी कर किसानों को बहला फुसला रही है.
उन्होंने कहा कि इस साल इंद्रपुरी जलाशय के क्षेत्र में भी नहरों की जर्जर स्थिति है. लेकिन, विभाग से लेकर सरकार का कोई जु नहीं रेंग रहा है. जर्जर नहर होने के कारण नहरी क्षेत्रों में चालीस फीसदी भी रोपनी नहीं हो पायी है. सरकार हम किसानों के बारे में सोच नहीं रही है.
`केवल झांसे में डाल कर अपना वोट बैंक बना रही है. कागज में ही किसानों की योजनाओं का संचालन सरकार द्वारा की जा रही है. मौके पर नंदजी यादव, धनजी राम, कामता यादव, मिथलेश तिवारी, राजकुमारी सिंह, अनुग्रह नारायण सिंह, कमाख्या यादव आदि किसान नेता शामिल थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन