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सोन नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान

Updated at : 13 Nov 2019 8:12 AM (IST)
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सोन नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान

डेहरी नगर : हिंदू धर्म में प्रत्येक वर्ष 12 पूर्णिमा होती है, जो प्रतिमाह आती है. कार्तिक मास में आने वाली पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा अथवा गंगा स्नान की पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु ने अपना पहला अवतार लिया था और वह मत्स्य यानी […]

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डेहरी नगर : हिंदू धर्म में प्रत्येक वर्ष 12 पूर्णिमा होती है, जो प्रतिमाह आती है. कार्तिक मास में आने वाली पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा अथवा गंगा स्नान की पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु ने अपना पहला अवतार लिया था और वह मत्स्य यानी मछली के रूप में प्रकट हुए थे. इस दिन स्नान और दान का बड़ा ही महत्व है. इस दिन गंगा या सोन नदी में स्नान करने से सभी जन्मों का पापों से मुक्ति मिलती है.

इस दौरान श्रद्धालुओं ने सोन नदी व मुख्य नहर में जाकर आस्था की डुबकी लगायी. तत्पश्चात पूजन व दान पुण्य किया. मंगलवार की सुबह पांच बजे से ही घाटों पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का जुटान देखा गया. बच्चों के साथ बड़े भी ग्रह गोचर शुभ संयोग में स्नान कर रहे थे.
छठ पर्व के दौरान ही प्रशासन द्वारा सोन नदी के कई घाटों को खतरनाक घोषित करने के बावजूद श्रद्धालु सोन नदी में नहाने से बाज नहीं आये. नगर थाने की पुलिस टीम भी कार्तिक पूर्णिमा स्नान करने आये श्रद्धालुओं को अलर्ट होकर स्नान करने की बात करती रही. दोपहर बाद प्रशासन ने भी राहत का सांस ली.
झारखंडी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को पूजा कराते हुए पंडित विनायक ओझा ने कहा कि कार्तिक मास की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. शैव और वैष्णव दोनों ही संप्रदायों में इसका बराबर महत्व है. इस दिन जहां भगवान शिव जी ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था. और गुरु नानक देव का जन्म भी इसी तिथि को हुआ था. इसी लिए कार्तिक पूर्णिमा को प्रकाश और गुरु पर्व के रूप में भी मनाया जाता है.
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दीपदान का खास महत्व है, तथा शास्त्रों में बताया गया है कि गंगा या किसी पवित्र सरोवर के तट अथवा तुलसी के समीप दीप जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती है. पूजन उपरांत श्रद्धालुओं ने अरवा चावल, जौ, तील, मौसमी फल तथा लौकी में छिपा कर सिक्का दान का महत्व है.
कार्तिक पूर्णिमा पर शहर से लेकर गांव तक स्नान दान का क्रम दिन भर जारी रहा. स्नान करने वाले भक्तों रामअवतार चौधरी, विमल कुमार सिंह, रवि शर्मा, सेलू कश्यप, सतीश कश्यप, विनोद कश्यप, दीपू पासवान, गौतम शर्मा, रितेश कुमार गुप्ता, जैकी कुशवाहा, पूनम देवी, जिला पार्षद नीतू सिंह, सुबह चंद्रवंशी आदि सैकड़ों भक्तों ने सोन नदी में स्नान कर पूजा पाठ किया .
पूर्णिमा पर नदी घाटों का किया निरीक्षण
नासरीगंज. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोन नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर प्रखंड क्षेत्र के थानामोड घाट, मानिकचंद घाट व पयहारी जी घाट, अमियावर, महादेवां, जमालपुर, पडुरी, अतिमिगंज आदि गांव के सोन नदी घाटों का निरीक्षण इंस्पेक्टर मनोज कुमार, थानाध्यक्ष राजेश कुमार, पूर्व जिला पार्षद अनिल सिंह, सद्भावना समिति के सचिव अमित कुशवाहा, प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर के जिला उपाध्यक्ष सुभाष कुमार कुशवाहा, मदन केशरी ने किया. इंस्पेक्टर ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि साल में 12 पूर्णिमा होती हैं. इनमें कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है.
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