खूबसूरत होने के बाद लोगों को प्यास से तड़पायेगी इनलेट नहर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Mar 2018 4:45 AM (IST)
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शेरशाह सूरी मकबरे के तालाब में निर्बाध पानी की आपूर्ति का प्रयास नहर के बंद होने से वार्ड 10 व 11 में भूमिगत पानी के लेयर पर पड़ेगा असर सासाराम शहर : ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मकबरा के तालाब को पानी आपूर्ति करनेवाली इनलेट नहर के सौंदर्यीकरण का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन इसके […]
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शेरशाह सूरी मकबरे के तालाब में निर्बाध पानी की आपूर्ति का प्रयास
नहर के बंद होने से वार्ड 10 व 11 में भूमिगत पानी के लेयर पर पड़ेगा असर
सासाराम शहर : ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मकबरा के तालाब को पानी आपूर्ति करनेवाली इनलेट नहर के सौंदर्यीकरण का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन इसके बनने के बाद लोगों को पीने के पानी की भी चिंता सताने लगी है. दरअसल फजलगंज स्थित इनलेट नगर के पश्चिमी भाग से मिट्टी भराई होने लगी है. योजना है कि इनलेट नहर को भर कर बीच में एक ढके हुए नाले का निर्माण होगा, जिससे मकबरा के तालाब तक नहर से पानी जायेगा. शेष बची भूमि पर पार्क का निर्माण होगा. नहर के किनारे के घरों के लिए अलग से नाला का निर्माण होगा. इस योजना पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे. सिंचाई विभाग ने निर्माण का ठेका जय जगदंबे कंस्ट्रक्शन को दिया है.
योजना के तहत नहर के दोनों ओर मिट्टी डाल कर नहर के लेवल को ऊपर उठा नाले का निर्माण होगा. इन निर्माण से एक ओर मकबरा के तालाब को स्वच्छ जल मिलेगा, तो दूसरी ओर इनलेट नहर के किनारे के वार्ड 10 व 11 के घरों में पेयजल की समस्या उत्पन्न होने का खतरा बढ़ गया है. नहर को कंक्रीट के नाले में बदलने से भूमिगत जल का स्तर और अधिक नीचे जायेगा. इससे लोगों को परेशानी होगी.
बदल जायेगा शहर का लुक : यह तो हकीकत है कि इनलेट नहर के सौंदर्यीकरण से शहर का लुक बदल जायेगा. करीब 40 फुट चौड़ी नहर को भर कर पार्क बनने और फिर बची जमीन पर मार्केट (जो भविष्य की योजना) बनने से इस क्षेत्र का कायाकल्प हो जायेगा. इनलेट नहर में कंक्रीट का नाला बनने से अब मकबरा के तालाब में नालियों का गंदा पानी नहीं जायेगा. पार्क बनने से पूरा इलाका सुंदर हो जायेगा.
भूमिगत जल का लेयर और जायेगा नीचे : शहर के वार्ड 10, 11 व 12 के कुछ हिस्सों के भूमिगत जल का लेयर बनाने में इनलेट नहर मददगार साबित होता था. इस संबंध में फजलगंज मुहल्ला निवासी लक्षमण सिंह ने कहा कि गर्मी के दिनों में 65 फुट तक गड़े चापाकल सूख जाते हैं. नहर में पानी आने के बाद चापाकल पानी देने लगते थे. अब जब नहर बंद हो जायेगी, तो पानी का लेयर नीचे जाना लाजमी है. पेशे से इंजीनियर रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि नहर में बननेवाले नाले के नीचे कंक्रीट नहीं होना चाहिए. यह कंक्रीट पानी को ठहरने नहीं देगा और भविष्य में जल के स्त्रोत को बंद कर देगा.
कहते हैं अधिकारी
शेरशाह मकबरा तालाब तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए यह कार्य हो रहा है. करीब आठ करोड़ रुपये की योजना है. नहर के किनारे के घरों से निकली नालियों को बंद कर ने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मांगी गयी है. आदेश मिलते ही नालियों को बंद कर दिया जायेगा. नहर के बीच में कंक्रीट का ढका हुआ नाला बनाया जायेगा. शेष बची भूमि पर पार्क का निर्माण होगा, जिससे शहर का लुक बदल जायेगा.
मिथिलेश कुमार दिनकर, कार्यपालक अभियंता, सिंचाई विभाग
पानी निकासी की होगी समस्या
इनलेट नहर के किनारे के घरों के लिए गंदे पानी की निकासी का यह सबसे बड़ा साधन है. हालांकि करीब पांच वर्ष पूर्व इनलेट नहर को गंदा पानी से बचाने के लिए 84 लाख रुपये से दोनों किनारों पर नाले का निर्माण हुआ था, लेकिन वह काम नहीं आ सका. और बाद में फिर इनलेट नहर में ही नालियों का पानी जाने लगा. इनलेट नहर के बंद हो जाने से समीप के घरों में जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो जायेगी, क्योंकि अभी तक जल निकासी के लिए कोई उपाय नहीं किया जा सका है.
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