जान जोखिम डाल कर स्कूल आते हैं बच्चे

Published at :20 Feb 2018 1:14 AM (IST)
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जान जोखिम डाल कर स्कूल आते हैं बच्चे

सूर्यपुरा (रोहतास) : दशकों से उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कवई में पठन-पाठन करने के लिए छात्र- छात्राओं को चाचर के सहारे ही जाना पड़ता है. खासकर बारिश के समय में इस छोटी नहर पइन में पानी रहता है. जो कि छोटे-छोटे बच्चे चाचर के सहारे विद्यालय जाते हैं, जिन्हें अक्सर नहर में गिरने का भय बना […]

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सूर्यपुरा (रोहतास) : दशकों से उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कवई में पठन-पाठन करने के लिए छात्र- छात्राओं को चाचर के सहारे ही जाना पड़ता है. खासकर बारिश के समय में इस छोटी नहर पइन में पानी रहता है. जो कि छोटे-छोटे बच्चे चाचर के सहारे विद्यालय जाते हैं, जिन्हें अक्सर नहर में गिरने का भय बना रहता है. विद्यालय में नामांकित कुल छात्र-छात्रा करीब 304 हैं, जिसमें प्रधानाध्यापक एवं केआरपी सहित नौ शिक्षक हैं परंतु वर्षा के समय में बच्चे कम आ पाते है.

बच्चों के आने-जाने की समस्या दशकों से बरकरार है. छात्र अखिलेश, तुलसी पासवान, निशु कुमार, छात्रा श्रेया, शैल कुमारी आदि ने बताया कि इस नहर पइन में जब पानी रहता तो कभी–कभी पैर छटकने से इसमें कई बच्चे गिर भी जाते हैं. मध्य विद्यालय, कवई के वरीय शिक्षक रामपति सिंह ने बताया कि विद्यालय आने में बच्चों को काफी परेशानी होती है.

पुल की व्यवस्था कराने के लिए जनप्रतिनिधि एवं विभाग को सूचना दी गयी है. मध्य विद्यालय, कवई के प्रधानाध्यापिका शैल कुमारी ने बताया कि विद्यालय में पठन-पाठन के लिए बच्चों को चाचर के सहारे आने में काफी परेशानी होती है.

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