बिना चढ़ावे के दाखिल-खारिज कराना नहीं हो पा रहा संभव

Published at :17 Jan 2018 5:02 AM (IST)
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बिना चढ़ावे के दाखिल-खारिज कराना नहीं हो पा रहा संभव

शिकायत के बाद भी अधिकारी नहीं करते कार्रवाई काराकाट (रोहतास) : प्रखंड में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि बिना अवैध राशि लिये राजस्व कर्मचारी दाखिल- खारिज के आवेदन पर अपना कलम नहीं चलता है. इससे पीड़ित किसानों के द्वारा कई बार अधिकारी से शिकायत किये जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किये जाने […]

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शिकायत के बाद भी अधिकारी नहीं करते कार्रवाई

काराकाट (रोहतास) : प्रखंड में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि बिना अवैध राशि लिये राजस्व कर्मचारी दाखिल- खारिज के आवेदन पर अपना कलम नहीं चलता है. इससे पीड़ित किसानों के द्वारा कई बार अधिकारी से शिकायत किये जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है. लोगों का आरोप है कि दाखिल- खारिज के लिए आरटीपीएस काउंटर में आवेदन जमा करने के बाद कर्मचारी दाखिल- खारिज का कार्य कुछ- न- कुछ खामियां दिखाकर अस्वीकृत कर देता है. बिना अवैध राशि लिये कुछ सुनने को तैयार नहीं होता है. इसको लेकर राजस्व कर्मचारी और लोगों के बीच अक्सर विवाद होता रहता है.
अगर जमीन गलत भी हो तो अवैध राशि लेकर दाखिल- खारिज कर दिया जाता है. अगर किसी कार्य में आरोप भी है तो अवैध राशि लेकर दाखिल- खारिज की रिपोर्ट सीओ को किया जाता है लेकिन अधिकारी जांच कर कार्य करते हैं. राजस्व कर्मचारी हरेंद्र कुमार ने कई विवादित मामलों को अवैध राशि लेकर सीओ को रिपोर्ट की है.
दाखिल- खारिज की एक रिपोर्ट ऐसा की गयी, जिस पर लोक शिकायत निवारण में मामला दर्ज है. नोटिस के बाद भी दाखिल- खारिज की रिपोर्ट की गयी. मामला सुकहरा मौजा से जुड़ा हुआ है. राजस्व कर्मचारी हरेंद्र कुमार ने लोक शिकायत अधिकारी के आदेश को ताक पर रख कर रिपोर्ट की. इस पर अंचल अधिकारी ने राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट को अस्वीकृत करते हुए डांट लगायी. जदयू नेता विक्की चंद्रवंशी, लखन सिंह यादव सहित कई लोगों ने शिकायत की लेकिन राजस्व कर्मचारी के विरोध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. कई लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि प्रति दस्तावेज सात सौ रुपये लिया गया है. अगर बंदोबस्ती की पंजी फटी है
और रसीद है या बंदोबस्ती है रसीद नहीं है तो 5 से 10 हजार की अवैध राशि ली जाती है. अवैध राशि के लिए सही दस्तावेज को कोई-न- कोई बहाना लगाकर मामले को पेंडिंग में डाल दिया जाता है. इस संबंध में राजस्व कर्मचारी हरेंद्र कुमार से पूछे जाने पर आरोप को बेबुनियाद बताया. कहा कि जो जमीन विवादित होती है, उसकी जांच कर आगे की कार्यवाही की जाती है. इस संबंध में सीओ अनुज कुमार से इसकी जानकारी ली गयी तो बताया गया कि इस तरह का कोई भी शिकायत हमारे पास नहीं आयी है अगर मामला आता है तो कार्रवाई की जायेगी.
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