कैमूर पहाड़ी में नक्सली नहीं, अपराधी पसार रहे पांव !
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Nov 2017 7:41 AM (IST)
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सासाराम नगर : कैमूर पहाड़ी में पिछले दो माह से अपराधी तेजी से अपने संगठन का विस्तार करने में लगे हैं. जो नक्सल से जुड़े थे वे भी पैसे के लोभ में अब अपराध की ओर मुड़ गये हैं. हाल के दिनों की घटनाओं पर नजर डाले तो जिले में अपहरण की तीन घटनाओं के […]
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सासाराम नगर : कैमूर पहाड़ी में पिछले दो माह से अपराधी तेजी से अपने संगठन का विस्तार करने में लगे हैं. जो नक्सल से जुड़े थे वे भी पैसे के लोभ में अब अपराध की ओर मुड़ गये हैं. हाल के दिनों की घटनाओं पर नजर डाले तो जिले में अपहरण की तीन घटनाओं के तार कैमूर पहाड़ी से जुड़े हैं, जो इसकी पुष्टि करते हैं.
एमसीसी का पुराना नक्सली अंग इन दिनों पैसों कि उगाही के लिए अापराधिक गतिविधियों में शामिल होकर नक्सली संगठन की तरह अपने ग्रुप का विस्तार करने में लगा है. सूत्र बतातें है कि पुराना नक्सली हरी यादव घनसा निवासी जो वर्षों से फरार है पिछले छह वर्षों से कैमुर पहाड़ी पर नहीं देखा गया.
उसके नाम पर कुछ लोग अापराधिक घटनाओं को अंजाम देने में लगे है. एक खास रणनीति बना नक्सल विचारधारा से जुड़े लोगों से संपर्क कर संगठन का विस्तार किया जा रहा है. जो लोग पहले नक्सल से जुड़े थे उन्हें पैसे का लोभ दिखा पहाड़ी पर बने संगठन के लोग अब अपने साथ जोड़ते जा रहें हैं. टीपीसी कंमांडर अनिल कुशवाहा उर्फ संदेश की गिरफ्तारी के बाद कैमूर पहाड़ी से नक्सलियों का लगभग सफाया हो गया था.
पिछले आठ माह से नक्सलियों कि टीम कैमूर पहाड़ी पर झारखंड से तीन बार पहुंची. स्थानीय लोगों से समर्थन नहीं मिलने पर पुन: वापस लौट गयी. नक्सलियों से संबंध रखने वाले कुछ वनवासी इससे काफी निराश हुए. सूत्र बतातें है कि इन्हें अब ईट भट्ठा व्यवसायी भी लेवी देने से इन्कार कर रहे हैं. मजबूर होकर ये लोग महुआ शराब के धंधेबाज से जुड़ गये. 11 अक्तूबर की सुबह नासरीगंज के गल्ला व्यवसायी दुधेश्वर साह के अपहरण मामले में जब पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया, तो इसका तार नासरीगंज से कैमूर पहाड़ी तक जुड़ गया. इस मामले में जो भी गिरफ्तारियां हुईं. सभी अपराधी कहीं न कहीं नक्सल से जुड़े मिले.
24 अक्तूबर की शाम नौहट्टा थाना क्षेत्र की तिलोखर पंचायत कि मुखिया रीता देवी के बेटे कौशल कुमार का अपहरण किया गया. मुखिया बेटे की बरामदगी कैमूर पहाड़ी से हुयी. इसमें जोभी गिरफ्तारी हुई सभी अपराधी पहाड़ी व तलहटी क्षेत्रों के रहने वाले हैं और सभी कभी न कभी नक्सल से जुड़े थे.
इसी तरह शनिवार की शाम नौहट्टा निवासी किसान रंगनाथ चौबे का अपहरण कर लिया गया. रविवार की शाम चुटिया थाना क्षेत्र के जारादाग घाटी से उक्त किसान को अर्द्ध नग्न अवस्था में बरामद किया गया. इससे साफ जाहिर होता है कि कैमूर पहाड़ी पर नक्सली नहीं अपराधी पांव पसार रहें हैं.
क्या कहते हैं एएसपी
हार्डकोर नक्सली अनिल कुशवाहा व टीम की गिरफ्तारी के बाद कैमूर पहाड़ी से नक्सली संगठन का सफाया हो गया है. इधर कुछ माह से जो लोग नक्सलियों के नाम पर चहलकदमी कर रहें हैं, वह स्थानीय अपराधी है.
लेवी वसूलना अपहरण करना, लूट, छिनैती व शराब का धंधा सब पैसे की उगाही के लिए कर रहे हैं. सबकी पहचान हो गयी है. इसमें कुछ लोग पकड़े गये हैं और जो बचे है उन्हें बहुत जल्द पकड़ लिया जायेगा.
दुर्गेश कुमार, एएसपी (नक्सल)
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