खुले में शौच नहीं करने की ली शपथ

Published at :10 Aug 2017 5:49 AM (IST)
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खुले में शौच नहीं करने की ली शपथ

संकल्प . काराकाट में गौरव सत्याग्रह उत्सव सम्मान समारोह मना 20 पंचायतों में खुले में शौच से मुक्ति पा लिया गया काराकाट : जश्न-ए-आजादी के 71वें स्वतंत्रता दिवस पर गौरव सत्याग्रह उत्सव सम्मान समारोह काराकाट के उच्च विद्यालय, बुढ़वल के खेल के मैदान में आयोजित किया गया. समारोह का उद्घाटन जिलाधिकारी अनिमेष कुमार पराशर, जिला […]

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संकल्प . काराकाट में गौरव सत्याग्रह उत्सव सम्मान समारोह मना

20 पंचायतों में खुले में शौच से मुक्ति पा लिया गया
काराकाट : जश्न-ए-आजादी के 71वें स्वतंत्रता दिवस पर गौरव सत्याग्रह उत्सव सम्मान समारोह काराकाट के उच्च विद्यालय, बुढ़वल के खेल के मैदान में आयोजित किया गया. समारोह का उद्घाटन जिलाधिकारी अनिमेष कुमार पराशर, जिला पार्षद अध्यक्ष नथुनी पासवान, एसडीएम राजेश कुमार, एलआरडीसी शशी शेखर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गान के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया. शंखनाद के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. मुखिया ने जिलाधिकारी अनिमेष कुमार पराशर एसडीएम राजेश कुमार, एलआरडीसी शशी शेखर को तलवार और पगड़ी देकर सम्मानित किया गया.
सभी आगत अतिथियों को बुके तथा शाल देकर जिला पार्षद पति मनोज तिवारी तथा जिला पार्षद मुन्ना यादव अंग वस्त्र देकर ने सम्मानित किया. प्रखंड प्रमुख, मुखिया, वार्ड सदस्य तथा सभी लोगों ने खुले में शौचमुक्ति तथा खुले में शौच नहीं करने की शपथ ली. बिक्रमगंज प्रखंड प्रमुख लाली सिंह यादव, तिलौथू प्रखंड प्रमुख कपिल सिंह कुशवाहा, नासरीगंज प्रखंड प्रमुख पवन कुमार को बुके देकर सम्मानित किया गया. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत खुले में शौचमुक्ति का अभियान चलाया गया, जो हर घर शौचालय हो खुले में कोई शौच न करने के अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की गयी. जिसे एक इतिहास के रूप में याद रखा जायेगा. मिशन प्रतिष्ठा को प्रखंड का प्रतिष्ठा बना कर 20 पंचायतों को खुले में शौच से मुक्ति पा लिया गया. जिलाधिकारी अनिमेष कुमार पराशर ने कहा कि मुझे ऐसे लोगों को नेतृत्व करने पर गर्व है. ओडीएफ की सफलता के लिए नित्य नये- नये अभियान चलाये गये. कचरा गांव घोषित कर खुले में शौच करनेवाले गांव को अपमान का घूंट पिलाया गया, तब मिली है ये सफलता. खुले में शौच मुक्ति के लिए ढोल पीटने, पदयात्रा, उपवास, दौड़, साइकिल रैली, मोटर साइकिल रैली, मशाल जुलूस, गीत-संगीत, रात्रि चौपाल, भूख हड़ताल से लेकर त्योहारों को ओडीएफ से जोड़ने सहित तमाम कार्यक्रम को शामिल किया गया. महिलाओं को मिशन प्रतिष्ठा से जोड़कर ओडीएफ की सफलता की बड़ी कामयाबी माना जाता है. ओडीएफ की सफलता के लिए सभी पंचायतों में सत्याग्रह केंद्र स्थापित किया गया. इसकी निगरानी के लिए नोडल पदाधिकारी, प्रेरक, निगरानी टीम, धावा दल सफलता का मुख्य बिंदु माना जाता है. समाजसेवी, पीडीएस दुकानदार से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी लोगों का योगदान सराहनीय रहा.
पंचायतों में सम्मान समारोह आयोजित कर लोगों को सम्मान देकर सम्मानित किया गया, वो सबसे बड़ी कामयाबी रही. मौके पर फीडबैक फाउंडेशन के विष्णुपद मनु, बीडीओ प्रशांत कुमार, सीओ अनुज कुमार, पीओ रोहित कुमार, जीविका के राजीव कुमार, प्रखंड स्वच्छता समन्वयक हरिनाथ सिंह, प्रमुख आशा देवी, उपप्रमुख निशा भारती, शिक्षक, सेविका, सहायिका, वार्ड सदस्य, आवास सहायक, कृषि सलाहकार सहित ओडीएफ कार्य में लगे सभी कर्मी उपस्थित थे.
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