शाम ढलते ही शुरू हो जाता है शराब धंधा

Published at :03 Aug 2017 11:37 AM (IST)
विज्ञापन
शाम ढलते ही शुरू हो जाता है शराब धंधा

सब कुछ मोबाइल पर होता है सेट अनजान लोगों को नहीं मिलती है शराब सासाराम नगर : शहर में शराब का धंधा जोर-शोर से चल रहा है. शाम ढलते ही चौक-चौराहों पर शराब करोबारियों कि सक्रियता बढ़ जाती है. समय व जगह निश्चित है. नियत समय पर कारोबारी ग्राहको को शराब कि डिलिवरी शुरू कर […]

विज्ञापन
सब कुछ मोबाइल पर होता है सेट
अनजान लोगों को नहीं मिलती है शराब
सासाराम नगर : शहर में शराब का धंधा जोर-शोर से चल रहा है. शाम ढलते ही चौक-चौराहों पर शराब करोबारियों कि सक्रियता बढ़ जाती है. समय व जगह निश्चित है. नियत समय पर कारोबारी ग्राहको को शराब कि डिलिवरी शुरू कर देते है.
सब कुछ मोबाइल पर सेटिंग होते रहता है. जो नियमित ग्राह है. कारोबारी उनके घर तक शराब पहुंचा देते है. अनजान लोगों को कारोबारी शराब नहीं देते है. पुराने व पहचानवालों के गारंटी पर शराब पहुंचाया जाता है. शहर का ऐसा कोई मुहल्ला नहीं जहां शराब नहीं बेचा जाता है. पुलिस शहर में गश्त लगाते रहती है और काराेबारी सेटिंग पर उनके नाक के नीचे शराब बेच निकल जाते हैं. प्रदेश में शराबबंदी लागू होने के बाद इस धंधे में अधिक मुनाफा देख दूसरे धंधे से जुड़े लोग भी शराब का धंधा कर रहे है. चिंता की बात यह है कि इस धंधे से कम उम्र के किशोर व छात्र भी जुड़ गये है. इन पर कोई ध्यान भी नहीं देता और अाराम से पड़ोसी राज्यों से शराब की खेप लाकर ऊंचे दामों पर बेच रहे है.
स्कूली छात्र भी शहर में बेच रहे शराब
अपनी शौक पूरी करने के लिए स्कूली छात्र भी शराब के धंधे से जुड़ गये है. सूत्र बताते हैं कि झारखंड के हरिहरगंज, गढ़वा, जपला, उत्तरप्रदेश के शैय्यदराजा, चंदौली, बलिया से शराब लाकर युवा बेच रहे है. बाइक, बस, ट्रेन से शराब की छोटी खेप लाते है. इन युवाओं का कई ग्रुप है.
एक ग्रुप शराब लाता है और दूसरा ग्रुप ग्राहकों तक शराब पहुंचाता है. यह लोग कभी भी मुख्य सड़क से शराब का खेप नहीं लाते है. गांव व छोटे कस्बाई क्षेत्रों से आते-जाते है. युवाओं द्वारा शराब बेचते देख पुराने खिलाड़ी भी इनसे संपर्क बढ़ा लिये है. जिस रेट में यह पड़ोसी राज्यों से शराब लाते है, उसी रेट में शराब के बड़े माफियां इन युवाओं को उपलब्ध कराने लगे है. चुकी, माफिया बड़े पैमाने पर दिल्ली व हरियाणा से शराब लाते है. इससे उसी रेट इनको शराब बेचने से नुकसान नहीं होता है. और बेचने के झंझट से भी बच जाते हैं.
पुलिस नहीं बरत रही कोताही
शराब पर प्रतिबंध के बाद शराबबंदी को सफल बनाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. पुलिस इसमें कहीं से कोताही भी नहीं कर रही है. लगातार कार्रवाई हो रही है. कई बार शराब की बड़ी खेप पकड़ी गयी. बड़े तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई. इस धंधे में इतना पैसा है कि लोभ से लोग कार्रवाई के बाद भी बाज नहीं आ रहे है. इस धंधे से स्कूली बच्चे जुड़ने लगे है, यह गंभीर मामला है. पुलिस इस पर पैनी नजर रखेगी.
आलोक रंजन, डीएसपी, नगर
दर्जनों जगह बिक रही शराब
शहर में बेदा नहर पुल, शेरशाह होटल के सामने फजलगंज गैस एजेंसी मोड़, तकिया रेलवे लाइन के किनारे, तकिया गुमटी, रौजा रोड, गौरक्षणी, लालगंज पुल, पुराने स्टेडियम स्थित झोंपड़पट्टी, बौलिया मोड़ साहू सिनेमा के समीप बस्ती में, चुना भट्टा बौलिया, धनपुरवा गुमटी, धर्मशाला चौक, चौक बाजार, सागर, चलनिया, कादिरगंज, बस्ती मोड़, नवरतन बाजार आदि जगहों पर शराब बेची जा रही है. ऐसा नहीं है कि पुलिस को इसकी खबर नहीं है.
यही से शराब कि बुकिंग भी होती है. मोबाइल पर जगह व मात्रा बता दिया जाता है. 10 मिनट के अंदर कारोबारी शराब पहुंचा देते है. शहर में सबसे ज्यादा मॉडल थाना क्षेत्र में शराब बेची जाती है. जिसमें मुख्य रूप से तकिया गुमटी, फजलगंज, शेरशाह होटल के सामने फुटपाथी दुकानदारों में से एक बड़े पैमाने पर शराब का कारोबार कर रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन