बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में खुलेगा रिसर्च सेंटर, मांस व अंडा की उत्पादकता पर होगा शोध

Published at :10 Jan 2024 10:46 PM (IST)
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बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में खुलेगा रिसर्च सेंटर, मांस व अंडा की उत्पादकता पर होगा शोध

राष्ट्रीय औसत से पीछे चलने के कारणों की पड़ताल करने और इसमें सुधार के लिए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में रिसर्च सेंटर खुलेगा. पशु व मत्स्य संसाधन विभाग ने इसकी स्वीकृति दे दी है. इसकी स्थापना पर 24 करोड़ 71 लाख रुपये खर्च होंगे.

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पटना. बिहार में मांस, अंडा की उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. राष्ट्रीय औसत से पीछे चलने के कारणों की पड़ताल करने और इसमें सुधार के लिए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में रिसर्च सेंटर खुलेगा. पशु व मत्स्य संसाधन विभाग ने इसकी स्वीकृति दे दी है. इसकी स्थापना पर 24 करोड़ 71 लाख रुपये खर्च होंगे. इसमें आउटसोर्सिंग के माध्यम से 24 कर्मी भी बहाल किये जायेंगे. बिहार में 0.39 टन मिलियन मांस का उत्पादन हो रहा है.

बिहार में अभी प्रति व्यक्ति 3.2 किलोग्राम मांस ही उपलब्ध

बिहार में अभी प्रति व्यक्ति 3.2 किलोग्राम मांस ही उपलब्ध है. प्रति व्यक्ति मांस की उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से आधी है. बिहार में 1.65 करोड़ पॉल्ट्री है, जो राष्ट्रीय औसत का मात्र 1.94 फीसदी ही है. बिहार में अभी राष्ट्रीय उत्पादन का मात्र 2.4 फीसदी अंडा का ही उत्पादन हो रहा है. इन अंतरों को कम करने के लिए रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा रही है. कुक्कुट अनुसंधान व प्रशिक्षण केंद्र इसका नामकरण किया गया है.

इस तरह काम करेगा रिसर्च सेंटर

ब्रॉयलर, लेयर की पैतृक वंशावलियों और देसी नस्ल के जर्मप्लाज्म की खरीदारी होगी. पैतृक और देसी नस्ल की वंशावलियों का प्रजनन किया जायेगा. पॉल्ट्री प्रजातियों का उत्पादन होगा. पशुपालकों और उद्यमियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रधान हेड, प्रबंधक, पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक कुक्कुट अधिकारी, टंकक सह लिपिक, लेखापाल, भंडार लिपिक, चिक सेक्सर, विद्युत यांत्रिकी, इन्क्यूबेशन सहायक, माली के एक-एक पदों पर आउटसोर्सिंग से बहाली होगी. साथ ही कुक्कुट सेवक के 11 व चपरासी के दो पदों पर कर्मी बहाल होंगे.

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बिहार में प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष 25 अंडे की ही उपलब्धता

बिहार में प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष 25 अंडे की ही उपलब्धता है. जबकि देश भर में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 95 अंडे उपलब्ध हैं. आइसीएमआर के अनुसार, एक व्यक्ति को साल भर में 180 अंडा खाना चाहिए. इस हिसाब से बिहार में अंडे उपलब्ध ही नहीं है. राष्ट्रीय औसत से 70 अंडे बिहार में कम उपलब्ध हैं. 235 करोड़ अंडा प्रतिवर्ष दूसरे राज्यों से बिहार आ रहा है. दूसरे और तीसरे कृषि रोड मैप शुरू होने से पहले वर्ष 2011-12 से पहले यह और भी कम था. इस दौरान राज्य में प्रतिवर्ष प्रति व्यक्ति आठ से नौ अंडे ही उपलब्ध थे. देश भर में अभी 12960 करोड़ अंडे का उत्पादन हो रहा है.

अंडा उत्पादन में उतार-चढ़ाव रहा

बिहार में अभी प्रतिवर्ष 327.4 करोड़ अंडे का उत्पादन हो रहा है. यह देश के कुल अंडा उत्पादन का ढाई फीसदी है. जबकि पूरे विश्व में अंडा उत्पादन में देश का तीसरा स्थान है. बिहार में अंडा उत्पादन की प्रगति ठीक नहीं रही है. इसमें काफी उतार-चढ़ाव रहा है. वर्ष 2017-18 में 121.85 करोड़ अंडे का उत्पादन हुआ था. वर्ष 2018-19 में अंडा उत्पादन में 44.7 फीसदी वृद्धि हुई थी. वर्ष 2019-20 में 54 प्रतिशत वृद्धि हुई. लेकिन इसके बाद के वर्षों में अंडा उत्पादन में वृद्धि रूक गयी. वर्ष 2020-21 में नौ, 21- 22 में 1 फीसदी हो गया. वर्ष 2022-23 में 6.8 प्रतिशत अंडा उत्पादन में वृद्धि हुई.

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