Mangalik Dosh: लड़के या लड़की का मांगलिक दोष कैसे दूर करें, इस ज्योतिषीय उपाय से मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Nov 2022 9:40 PM
Mangalik Dosh: मंगल दोष वास्तव में मंगली दोष है. मंगल रक्त कारक माना जाता है. कुंडली का मंगल दोष दाम्पत्य सुख को क्षीण कर देता है. इस दोष का विचार लड़का या लड़की के विवाह के पहले कर लेना चाहिए.
Mangalik Dosh: आज कल लड़के और लड़कियां मांगलिक दोष को लेकर काफी चिंतित रहते है. मांगलिक लड़के या लड़की का विवाह कैसे होगा? मंगल पराक्रम, शक्ति और साहस का प्रतिक है. मंगल ग्रह ऊर्जावान है. मंगल दोष वास्तव में मंगली दोष है. मंगल रक्त कारक माना जाता है. कुंडली का मंगल दोष दाम्पत्य सुख को क्षीण कर देता है. इस दोष का विचार लड़का या लड़की के विवाह के पहले कर लेना चाहिए. ज्योतिषशास्त्र में मंगल दोषयुक्त वर या वधु का विवाह बिना मांगलिक वर या वधु लड़के का विवाह बिना मांगलिक से विवाह शास्त्र सम्मत विचार करके करें. मांगलिक वर या वधु को मांगलिक जीवनसाथी नहीं मिलने से इनके विवाह में बेवजह बाधाये उत्पन होती है और उसका विवाह सम्पन होना कठिन हो जाता है.
कभी -कभी इतना दोष प्रबल हो जाता है कि विवाह योग बनता ही नहीं है. अगर बनता है तो विवाह का सुख न्यूनतम हो जाता है. मांगलिक दोष जातक पर प्रायः 28 वर्ष से 32 वर्ष तक ज्यादा प्रभाव देखा जाता है.
कैसे जाने मांगलिक दोष है?
वर तथा वधु की जन्मकुंडली में मंगल 1 ,4 ,7, 8,12 भाव में मंगल की उपस्तिथित मांगलिक दोष बनती है.
1- यदि वर की कुंडली एवं वधु की कुंडली में मंगल एक ही भाव में बैठा हो
2- यदि वर की कुंडली में जहॅा मंगल बैठा है वहा पर वधु की कुंडली में शनि, राहू या वधु की कुंडली में जहां मंगल बैठा हो वहा पर वर की कुंडली में शनि, राहू बैठा हो.
3- गुरु तथा शुक्र लगन में हो वक्री नीच राशिस्थ अस्त मंगल दोष रहित रहता है अतः शांत होता है.
4- मंगल की पूर्ण बली चन्द्र के साथ युति होने से मांगलिक दोष शान्त होता है .
5- सप्तमेश उच्चराशि, स्वराशि मित्रराशि का होकर केंद्र या त्रिकोण में विराजमान हो, मांगलिक दोष शान्त होता है.
6- मंगल चर राशि में विराजमान हो तो मंगल दोष शांत होता है .
7- यदि मंगल अष्टम भाव में धनु मीन कर्क मकर राशि ने स्थित हो
8- यदि मंगल की युति गुरु के साथ हो.
9- वर तथा वधु की कुंडली में मंगल होने पर दोष भंग हो जाता है.
10- यदि आप मंगल योग कारक है या अन्य प्रमुख योग बन रहे है तो मांगलिक दोष भंग होता है. अगर थोडा दोष रह जाता है तो उसका परिहार करा ले.
11- कुम्भ विवाह कराकर मांगलिक दोष समाप्त किया जा सकता है.
12- मंगलवार को व्रत रखे एक समय भोजन करें तथा हनुमान चालीसा का पाठ करने से दोष दूर होता है.
13- अस्पताल में लम्बे समय से वृद्ध मरीजों को यथासंभव सेवा करें तथा उन्हें भोजन कराये
14- जन्म कुंडली में दिखाकर मंगल का रत्न मूंगा त्रिकोण सात रती को तांबे में बनवाकर बाये हाथ की अनामिका उंगली में अंगूठी बनाकर मंगलवार को धारण करें.
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष ,वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
मो. 8080426594/9545290847
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