नाबार्ड के 20 दिवसीय LEDP प्रशिक्षण का समापन, हरदा की महिलाओं ने सीखे पारंपरिक 'खेता क्राफ्ट' के गुर

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वेब)))  खेता के 18 पौराणिक कलाकृति निर्माण का महिलाओं ने लिया प्रशिक्षण

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नाबार्ड द्वारा पूर्णिया के बहादुरपुर में आयोजित 20 दिवसीय 'आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम' (LEDP) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक 'खेता क्राफ्ट' की 18 विभिन्न कलाकृतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें डायरी कवर, मफलर और वस्त्र निर्माण शामिल है. इस प्रशिक्षण का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है.

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राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सौजन्य से पूर्णिया जिला अंतर्गत हरदा पंचायत के बहादुरपुर में आयोजित 20 दिवसीय 'आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम' (LEDP) का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया. इस समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न हस्तशिल्प और परिधानों की एक आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी उपस्थित अतिथियों और ग्रामीणों ने जमकर सराहना की.

20 दिनों में तैयार कीं 'खेता' की 18 पौराणिक कलाकृतियां

20 दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं और संभागियों को बिहार की पारंपरिक एवं पौराणिक 'खेता क्राफ्ट' (Kheta Art/Craft) की 18 विभिन्न शैलियों और कलाकृतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.

प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए खेता क्राफ्ट से सुसज्जित:

  • डायरी कवर,
  • मफलर,
  • फैंसी बैग्स, एवं
  • विभिन्न प्रकार के आकर्षक वस्त्रों का निर्माण किया.

"प्रशिक्षण के बाद उद्यम स्थापित करना लक्ष्य" — नाबार्ड DDM

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM) मनोज कुमार ने सफल संभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल प्रशिक्षण प्राप्त करना ही काफी नहीं है, बल्कि इस हुनर का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनना और उद्यम स्थापित करना असली मकसद है. उन्होंने सभी महिलाओं को आगे बढ़कर काम करने और इसे आय का जरिया बनाने के लिए प्रेरित किया.

वहीं, जीविका के जिला प्रबंधक ने संभागियों को आश्वस्त किया कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए इन स्वदेशी उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और बाजार उपलब्धता में जीविका की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी.

प्रमाण पत्र का वितरण व अतिथियों की उपस्थिति

समारोह को जीविका के प्रखंड प्रबंधक, 'समाज रचना केंद्र' की सचिव रीमा सिंह और निदेशक संजय कुमार सिंह ने भी संबोधित किया और ग्रामीण स्वरोजगार की दिशा में इसे एक मील का पत्थर बताया.

कार्यक्रम के अंत में सभी सफल प्रतिभागियों को आधिकारिक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (Certificates) वितरित किए गए. इस अवसर पर विपुल कुमार सिंह, शबनम शानू, नमिता रानी निम्मी, अमरीन अनवर, हिमानी कुमारी सहित कई गणमान्य लोग व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.


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सत्येन्द्र सिन्हा गोपी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र सिन्हा गोपी

सत्येन्द्र सिन्हा गोपी प्रिंट माध्यम में 25 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. आकाशवाणी एवं दूरदर्शन समाचार से पत्रकारिता की शुरुआत की. नाटक, कला संस्कृति, गीत संगीत, कृषि व मेडिकल क्षेत्र में विशेष अभिरुचि रखते हैं.

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