पूर्णिया जीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में हंगामा, डॉक्टरों से मारपीट<bha>;</bha> दो चिकित्सक चोटिल
Published by :ARUN KUMAR
Published at :20 Apr 2026 7:32 PM (IST)
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पूर्णिया जीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब एक मरीज के परिजनों ने इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट कर दी.
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पूर्णिया. पूर्णिया जीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब एक मरीज के परिजनों ने इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट कर दी. मारपीट की इस घटना में तीन डॉक्टर चोटिल हुए हैं. इस घटना के कारण कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और करीब एक घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं. इस संबंध में फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी है.फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी थाना प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से आवेदन मिला है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.
जानकारी के अनुसार, शहर के आश्रम रोड महबूबखान टोला निवासी गुलाब सिंह अपनी 55 वर्षीय पत्नी रीना देवी को इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे थे. डॉक्टरों के मुताबिक, महिला को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. इसके बावजूद चिकित्सकों ने सीपीआर देने का प्रयास किया. बताया जा रहा है कि मृतका कैंसर से पीड़ित थी और मुंबई में इलाजरत थी. इसी बीच, मृतका के परिजनों ने इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और करीब 15 की संख्या में परिजन उग्र हो गये. उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में मौजूद महिला डॉक्टर और जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की. साथ ही वार्ड की खिड़कियों के शीशे, जाली और अन्य सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. बाद में अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने एकजुट होकर परिजनों को बाहर खदेड़ा. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. घटना के बाद कुछ देर तक इमरजेंसी वार्ड खाली रहा और कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी वहां मौजूद नहीं दिखा. बाद में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच सेवाएं पुनः बहाल की गयी. इस हमले में एक महिला डॉक्टर, डॉ जिनेन्द्र और डॉ अभिषेक आनंद को हल्की चोटें आयी हैं. सभी जूनियर डॉक्टर बताये जा रहे हैं. स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि परिजन लाठी-डंडों के साथ पहुंचे थे और यह हमला सुनियोजित था. घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों और स्टाफ ने सुरक्षा की मांग को लेकर नाराजगी जतायी है. अस्पताल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है. स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि जब तक मारपीट में शामिल लोगों की पहचान नहीं होगी, तब तक शव नहीं सौंपा जायेगा.कहते हैं अधीक्षक
जीएमसीएच के अधीक्षक डॉ संजय कुमार ने बताया कि महिला की मृत्यु घर पर ही हो चुकी थी. परिजन भावावेश में आकर डॉक्टरों पर हमला करने लगे और तोड़फोड़ की. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक, जीएमसीएचप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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