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शब्द भेदी बाण की कला में निपुण थे पृथ्वीराज राज चौहान

Updated at : 17 May 2025 6:31 PM (IST)
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शब्द भेदी बाण की कला में निपुण थे पृथ्वीराज राज चौहान

जयंती

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जयंती

पूर्णिया. महान योद्धा वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान की जयंती बाबू वीर कुंवर सिंह स्मारक संघ, पूर्णिया द्वारा धूम धाम से मनायी गयी.कार्यक्रम की शुरुआत पृथ्वीराज चौहान के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया. कार्यक्रम के संयोजक माधव सिंह ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट निष्ठा के प्रतीक महान योद्धा थे. पृथ्वीराज राज चौहान शब्द भेदी बाण की कला में निपुण थे और सनातन संस्कृति के रक्षक थे. अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान ऐसे तमाम महापुरुषों के सन्दर्भ में आज के युवाओं को जानकारी रखने की जरूरत है ताकि आने वाले भविष्य का निर्माण हो सके. राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष अमित सिंह एवं प्रवक्ता कुमार आनंद ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को सत्रह वार हराया और माफ किया, लेकिन एक बार मोहम्मद गोरी ने धोखे से पृथ्वीराज चौहान को बन्धक बना लिया और उन्होंने अपने शब्द भेदी बाण का उपयोग कर मोहम्मद गोरी को मार गिराया और इन्होंने स्वयं अपने को मारा. इसलिए कि पृथ्वीराज चौहान दुश्मन के हाथों मरना नहीं चाहते थे. ऐसे महान योद्धा पर हमारा पूरा राष्ट्र गर्व करता है. इस मौके पर दिनकर स्नेही, रंजन सिंह डा. मनोज, आशीष राजपूत,छोटू सिंह, लड्डू सिंह, कुन्दन सिंह, सोनू सिंह, नितेश सिंह, दीपक सिंह,उदय कुमार, राजा सिंह, राणा सिंह चन्देल सहित बड़ी संख्या में लोगों श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ARUN KUMAR

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