खुशगवार रहा पूर्णिया का मौसम, अगले 36 घंटे में मानसून आने की संभावना
Updated at : 18 Jun 2024 6:14 PM (IST)
विज्ञापन

खुशगवार रहा पूर्णिया का मौसम
विज्ञापन
आगामी 20 से 21 जून तक पूर्णिया पहुंच सकता है मॉनसून
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट जारी, आज हो सकती है बारिश
तेज हवाओं के साथ बारिश और मेघगर्जन के बने हैं आसार
अधिकतम तापमान – 30.0 डिग्री सेल्सियस,
न्यूनतम तापमान – 28.0 डिग्री सेल्सियस
पूर्णिया. मानसून आने में इस वर्ष भले ही पांच दिन लेट हो गया है पर अब अगले 36 घंटे में मानसून के प्रवेश करने की संभावना बतायी जा रही है. आईएमडी के अनुसार में 20 से 21 जून तक मॉनसून आ जाएगा. इससे पहले मौसम विभाग ने पूर्णिया और आसपास के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और हवाओं के साथ बारिश और मेघगर्जन की संभावना बतायी है. मौसम विभाग की मानें तो पूर्णिया में आगामी 22 जून तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश और धूल भरी आंधी के आसार हैं. वैसे, मंगलवार को आकाश में बादल छाए रहे और मौसम खुशगवार बना रहा. दरअसल, मानसून की आस लिए मंगलवार की सुबह लोग जगे पर बारिश की बूंदें नसीब नहीं हुईं. यह अलग बात है कि आसमान में बादलों के बवंडर नजर आए और पुरवैया हवा के झोंकों से राहत मिली. सुबह में बादल इस कदर घिर आए थे मानो अब बारिश हो जाएगी पर यह स्थिति नहीं आयी. जैसे-जैसे दिन चढ़ते गये आसमान से कालापन साफ होता गया पर बादलों का असर पूरे दिन रहा. घरों से बाहर पुरवैया भले ही राहत दे रही हो पर अंदर रहने वाले लोग उमस से परेशान रहे. इस दौरान पंखा और कूलर सहारा बना पर बिजली बार-बार बाधा डालती रही. इधर, मौसम विभाग की मानें तो मंगलवार की रात में मेघ गर्जन के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है.किसानों को सता रही बुआई की चिंता :
इस बार धान के बिचड़ा बुआई को लेकर जिले के किसान चिन्तित हो रहे हैं. आलम यह है कि रोहिणी नक्षत्र में बारिश नहीं हुई जबकि मृगशिरा नक्षत्र चल रहा है. 22 जून से आद्रा नक्षत्र की शुरुआत हो रही है. जिले में प्री मानसून की बारिश भी नहीं के बराबर हुई है. हालांकि पंपसेट से पटवन कर बुआई का काम चल रहा है पर किसान भी मानते हैं कि धान की बुआई में पंपसेट का पटवन ‘उंट के मुंह में जीरा के फोरन’ वाली कहावत जैसा है. यही वजह है कि किसान इस समय बारिश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि बूंदाबांदी को छोड़कर अबतक ऐसी बारिश नहीं हुई है, जिससे किसानों को कुछ खास फायदा हो. याद रहे कि जिले में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है और इसके लिए बारिश का पानी ही सक्षम माना जाता है.फोटो. 18 पूर्णिया 7-आसमान में छाया बादल
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




