महानंदा नदी में डूबे तीन बच्चों का चौथे दिन भी सुराग नहीं, एसडीआरएफ का अब तक का सबसे बड़ा सर्च अभियान जारी

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 24 May 2026 1:33 PM

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सर्च अभियान

Mahananda River Children Drowned: पूर्णिया के बायसी में महानंदा नदी के किनारे पिछले चार दिनों से चीख-पुकार मची हुई है. लहरों में समाए तीन मासूम बच्चों को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम नदी की गहराइयों को खंगाल रही है, लेकिन समय बीतने के साथ परिजनों की उम्मीदें अब दम तोड़ रही हैं.

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Mahananda River Children Drowned: पूर्णिया के बायसी से अरविंद कुमार की रिपोर्ट: पूर्णिया जिले के बायसी थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगर पंचायत के गोहास गांव में बीते 21 मई को महानंदा नदी में डूबे चार बच्चों में से तीन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. घटना के चौथे दिन भी रेस्क्यू टीम सुबह से ही नदी में सघन तलाश अभियान चला रही है. स्थानीय स्तर पर एसडीआरएफ का यह सर्च ऑपरेशन अब तक का सबसे लंबा और अभूतपूर्व अभियान माना जा रहा है. तमाम मुश्किलों के बावजूद रेस्क्यू टीम ने अपना हौसला नहीं खोया है और लगातार ऑपरेशन जारी रखा है.

खेल-खेल में गहरे पानी में चले गए थे चार मासूम

दिल दहला देने वाली यह घटना 21 मई को दोपहर करीब 12 बजे की है. जानकारी के अनुसार, गोहास गांव के रहने वाले चार बच्चे—नसर (11 वर्ष, पिता- मोहम्मद सोहराब, वार्ड नंबर 3), मुस्तफा (8 वर्ष, पिता- मोहम्मद असलम, वार्ड नंबर 5), अरमान (8 वर्ष, पिता- रुहुल अमीन, वार्ड नंबर 3) और नूर्शिद (10 वर्ष, पिता- मुनीब, वार्ड नंबर 5) घर से पश्चिम दिशा में बहने वाली महानंदा नदी के किनारे गए थे. वहां खेलने के दौरान चारों बच्चे नदी में स्नान करने के लिए उतर गए. इसी बीच पानी की गहराई का अंदाजा न मिलने के कारण चारों मासूम तेज धार में बह गए और गहरे पानी में डूब गए.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, घटनास्थल पर डटे लोग

घटना के पहले ही दिन स्थानीय गोताखोरों की मदद से मोहम्मद सोहराब के 11 वर्षीय पुत्र नसर का शव बरामद कर लिया गया था. लेकिन शेष तीन बच्चों (मुस्तफा, अरमान और नूर्शिद) का पिछले 96 घंटों से कुछ पता नहीं चल सका है. पिछले दो-तीन दिनों से लापता बच्चों के बेबस परिजन और ग्रामीण टकटकी लगाए नदी किनारे ही डटे हुए हैं. घटनास्थल पर मौजूद मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरा गांव इस हादसे से गहरे शोक में डूबा हुआ है.

प्रशासनिक स्तर पर लगातार की जा रही है तलाश: मुखिया

स्थानीय गांगर पंचायत के मुखिया गुलाम गौस ने बताया कि घटना के बाद से ही प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट है. अंचल अधिकारी (CO) और स्थानीय पुलिस की निगरानी में एसडीआरएफ की मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों के जरिए नदी के हर कोने-कोने में डूबे बच्चों की तलाश की जा रही है. हालांकि, नदी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी प्रशासन बच्चों को ढूंढ निकालने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटा है.

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लेखक के बारे में

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दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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