कोसी क्षेत्र में नारियल खेती की अपार संभावनाएं

Published at :02 Sep 2024 7:18 PM (IST)
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कोसी क्षेत्र में नारियल खेती की अपार संभावनाएं

भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में नारियल बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना के सहयोग से विश्व नारियल दिवस सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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विश्व नारियल दिवस पर भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णिया. भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में नारियल बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना के सहयोग से विश्व नारियल दिवस सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार महतो ने आगत अतिथियों का स्वागत किया. इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के अधिष्ठाता (कृषि) डा. अजय कुमार साह ने कहा कि नारियल एक श्रीफल है. इस पौध का प्रत्येक भाग मानव के जीवन में उपयोगी है. उन्होंने कहा कि बिहार, विशेषकर कोसी क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप किस्म विकसित करने की आवश्यकता है. बेंच मार्क सर्वे कराकर शोध कर नारियल की खेती के अनुकूल बनाया जा सकता है, ताकि किसान व्यवसायिक रूप से खेती कर सकें. साथ ही साथ विपणन व्यवस्था सुदृढ़ होने से किसानों के आय में वृद्धि हो सकेगी. इस अवसर पर अधिष्ठाता (कृषि), बिहार कृषि विष्वविद्यालय, सबौर, महाविद्यालय के प्राचार्य, निदेशक (विकास), नारियल बोर्ड आदि ने महाविद्यालय परिसर में नारियल का वृक्षारोपण भी किया. नारियल बोर्ड के निदेशक राजीव भूषण प्रसाद ने कहा कि भारत में यह संस्थान नारियल से संबंधित जानकारी प्रदान करता है तथा नारियल की खेती के विस्तार के लिए कार्य करता है. देश में नारियल उत्पादन में बिहार का 9वां स्थान है. महाविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ॰ आशीष रंजन ने बताया कि इस कार्यक्रम में 150 से अधिक किसानों जिसमें 50 महिला कृषक, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया. प्राचार्य डॉ. महतो ने बताया कि नारियल कल्प वृक्ष है, जिसमें बहुत से गुण हैं. कोसी क्षेत्र में इसकी खेती की अपार संभावनाएं हैं. संयुक्त निदेशक कृषि, पूर्णिया, डा. रविन्द्र्र कुमार ने कहा कि नारियल वृक्ष का सांस्कृतिक महत्व भी है. इसकी कृषि पद्धति का विस्तार एवं प्रचार प्रसार नारियल बोर्ड तथा विश्वविद्यालय के सहयोग से कर किसानों को बेहतर लाभ पहुंचाया जा सकता है मुख्य वैज्ञानिक डा. जनार्दन प्रसाद ने नारियल में उर्वरक प्रबंधन, डा. मणिभूषण ने नारियल के प्रमुख बीमारियां एवं उनके प्रमुख प्रबंधन तथा डा. अभिनव कुमार ने नारियल के प्रमुख कीट एवं उनके प्रमुख प्रबंधन विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा की.

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