स्वयं में गलती ढूंढना सबसे बड़ी उपासना : संत नारायण दास

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बीकोठी

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प्रतिनिधि, बीकोठी. प्रखंड के बड़हरी छठ पोखर पर दस दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को संत नारायण दास महराज ने कहा कि अपनी गलती ढूंढना , अपनी कमी को ढूंढना सब से बड़ी भक्ति उपासना है. दूसरे की कमी गलती को ढूंढेंगे तो मन में अशांति आएगी टेंशन आएगा. अपनी कमी गलती को ढूंढेंगे तो मन में शांति आएगी. दुख ,संकट व विपत्ति में ईश्वर हमारे साथ रहते हैं. पुरुष का कर्तव्य है स्त्री का सम्मान करना.उचित कार्य में दान करना श्रेष्ठ है. स्त्री के लिए पति का घर ही बैकुण्ठ है. कार्यक्रम के सफल संचालन में रंजीत यादव, अजंनी साह,मिथलेश यादव, मुखिया शेखर गुप्ता, सरपंच भगवान चंद दास,बड़हरा पंचायत के पूर्व मुखिया राजीव रंजन,दिलीप भगत,विनोद कुमार पंडित, संतोष यादव, जयप्रकाश राम सहित अन्य ग्रामीणों द्वारा सराहनीय सहयोग किया जा रहा है.

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