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पूर्णिया कृषि कॉलेज को मखाना का राष्ट्रीय ज्ञान केंद्र बनाए जाने पर जोर

Updated at : 20 Dec 2025 6:17 PM (IST)
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पूर्णिया कृषि कॉलेज  को मखाना का राष्ट्रीय ज्ञान केंद्र बनाए जाने पर जोर

मखाना उत्पादन प्रौद्योगिकी और सुधार को ले प्रशिक्षण का आयोजन

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मखाना उत्पादन प्रौद्योगिकी और सुधार को ले प्रशिक्षण का आयोजन

प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे 25 से अधिक कृषि वैज्ञानिक

पूर्णिया. बिहार के मखाना उत्पादन क्षेत्र के प्रमुख केंद्र भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया में मखाना उत्पादन प्रौद्योगिकी और सुधार को सशक्त बनाने के लिए वैज्ञानिकों का पांच दिवसीय अभिमुखीकरण-सह-प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ. महाविद्यालय के वैज्ञानिकों को मखाना की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण और अनुसंधान में नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्णिया कृषि महाविद्यालय को मखाना का राष्ट्रीय ज्ञान केंद्र बनाए जाने पर जोर दिया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. के. महतो ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया. उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह के दृष्टिकोण का उल्लेख किया और कहा कि हम इस फसल के माध्यम से न केवल किसानों की आय बढ़ाएंगे, बल्कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय को एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करेंगे. मौके पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के अनुसंधान निदेशक डॉ. अनिल कुमार सिंह के निर्देशों को भी साझा किया गया. डॉ. महतो ने बताया कि अनुसंधान निदेशक ने पूर्णिया में मखाना विकास पर विशेष जोर दिया है. उनके मार्गदर्शन में हम एकीकृत अनुसंधान, आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और किसान-वैज्ञानिक संवाद को मजबूत करने पर कार्य कर रहे हैं. प्राचार्य डॉ. महतो ने कहा कि यह प्रशिक्षण उसी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के उद्देश्यों के साथ कदम मिलाकर, कुलपति के दृष्टिकोण और अनुसंधान निदेशक के मार्गदर्शन में भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया अब मखाना अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है. यह प्रशिक्षण हमारे वैज्ञानिकों के ज्ञान को सशक्त बनाएगा और उन्हें किसानों तक बेहतर तकनीक पहुंचाने में सक्षम करेगा. कार्यक्रम में इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी वैज्ञानिक, शोधार्थी और तकनीकी अधिकारी उपस्थित थे. कार्यक्रम में 25 से अधिक वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं, जो मखाना अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा और प्रायोगिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH CHANDRA

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