वाहन चला रहे हैं तो संभल कर चलाएं, सड़क हादसों में हो रहा इजाफा

सड़क हादसों में हो रहा इजाफा
हर माह 400 से अधिक लोग हादसों के शिकार हो पहुंच रहे हैं जीएमसीएच
दुर्घटनाओं में अंगभंग के अलावा जानें भी जा रही है, सतर्कता की है जरूरत
पूर्णिया. सावधान, वाहन चला रहे हैं तो सम्हल कर चलाएं और यातायात नियमों का पालन अवश्य करें. घर से निकलने के बाद सड़कों पर चलने में भी सावधानी बरतने की जरुरत हैं क्योंकि सड़क हादसों में लगातार इजाफा हो रहा है. आलम यह है कि जिले में सड़क हादसों की बढती संख्या भारी चिंता का विषय बनती जा रही है. सड़कों पर विभिन्न प्रकार के वाहनों की लगातार बढ़ती भीड़ द्वारा गति पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन नहीं करने की वजह से विभिन्न प्रकार के हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इनके अलावा नाबालिगों द्वारा भी बाईक, तिपहिया वाहन खासकर टोटो वगैरह का परिचालन किया जाना न सिर्फ कानूनन जुर्म है बल्कि होने वाले सडक हादसों को बढाने में इनका भी योगदान है. हालांकि अक्सर सड़कों पर परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा इसपर निगरानी रखी जाती है और दंड भी वसूले जाते हैं बावजूद इनके अलग अलग प्रकार के सडक हादसों के बढ़ते ग्राफ में कमी नहीं देखी जा रही है.
रोजाना दर्जन से अधिक घायल पहुंच रहे अस्पताल
जिले में बढती सडक दुर्घटनाओं के आंकड़ों को देखा जाय तो ये चौंकाने वाले हो सकते हैं. हर माह कई लोगों की मौत दुर्घटनास्थल पर ही हो जा रही है तो कुछ विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचने से पहले दम तोड़ देते हैं. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की आपातकालीन सेवा की ही अगर बात की जाय तो यहां हर दिन विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं के शिकार अमूमन एक दर्जन से ज्यादा लोग अपना इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं. इनमें से कुछ लोगों को तत्काल उपचार कर छुट्टी दे दी जाती है जबकि कुछ गंभीर मामले में घायल अथवा अंगभंग की स्थिति वाले मरीजों को कुछ दिनों से लेकर कुछ माह तक अस्पताल में ही रहना पड़ता है. वहीं ज्यादा गंभीर मामलों को हायर सेंटर तक रेफर कर दिया जाता है. इन हादसों में सबसे दुखद पहलू यह है कि हर माह इन हादसों में कई लोगों की मौत तक हो जा रही है.
बोले अधीक्षक
किसी भी प्रकार की दुर्घटना पीड़ित परिवार और समाज के लिए बेहद दुखद है. सड़कों पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए सावधानी बेहद जरूरी है. लगभग सभी जगह सड़कें अच्छी बन गयी हैं. सभी वाहन चालकों को भी ट्रैफिक रूल्स का अक्षरशः पालन करते हुए वाहन की रफ़्तार पर नियंत्रण रखना होगा. क्योंकि किसी की थोड़ी सी भी गलती किसी के परिवार के लिए आजीवन अभिशाप बन जा सकती है. इसलिए खुद सुरक्षित रहते हुए दूसरों को भी जागरूक करने की जरुरत है. डॉ संजय कुमार, अधीक्षक जीएमसीएचबोलते जीएमसीएच के आंकड़े
माह दुर्घटना में भर्ती होने वाले मरीजमौत जून 4159 जुलाई 385 3अगस्त 397 6डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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