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कैंसर के खिलाफ महिला चिकित्सकों ने उठाया बीड़ा, स्कूल-कॉलेजों में चलाया जागरूकता अभियान

Updated at : 08 Feb 2026 8:11 PM (IST)
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कैंसर के खिलाफ महिला चिकित्सकों ने उठाया बीड़ा, स्कूल-कॉलेजों में चलाया जागरूकता अभियान

समाज में बढ़ते कैंसर रोगियों की संख्या को देखते हुए पूर्णिया की महिला चिकित्सकों ने लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है.

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पूर्णिया. समाज में बढ़ते कैंसर रोगियों की संख्या को देखते हुए पूर्णिया की महिला चिकित्सकों ने लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है. कैंसर जागरूकता सप्ताह के दौरान महिला चिकित्सकों की टीम ने शहर के केहाट थाना स्थित सर सैयद अकादमी, पूर्णिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग व रामबाग हाई स्कूल में विद्यार्थियों को कैंसर के प्रति जागरूक किया. इस दौरान चिकित्सकों ने बच्चों और युवाओं को कैंसर के कारण, लक्षण व बचाव के तरीकों की जानकारी दी. कार्यक्रम में विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व ओवेरियन कैंसर के बारे में विस्तार से बताया गया. पूर्णिया ऑफ्स एंड गायनी सोसायटी के अध्यक्ष डॉ विभा झा ने बताया कि ओवेरियन कैंसर के शुरुआती संकेत अक्सर सामान्य लगते हैं, इसलिए सावधानी ज़रूरी है. अगर पेल्विक दर्द, बार-बार पेशाब आना, भूख में कमी, अत्यधिक थकान, वज़न कम होना लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो जांच कराना अनिवार्य है. सचिव डॉ अनुराधा सिन्हा ने कहा कि समय पर जांच और सही जानकारी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है. उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने की अपील की. चिकित्सकों ने बताया कि जागरूकता ही कैंसर से लड़ने का सबसे प्रभावी हथियार है और ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे. इस अवसर पर डॉ खुशबू, डॉ पूनम प्रभा, डॉ आशियां रुमानी, डॉ दिव्यांजली सिंह, डॉ बेनजीर अहमद, डॉ नुजहत हुसैन, डॉ फरहत मसिह, डॉ रानी मिनहाज, डॉ सगुफ्ता अंसारी, डॉ सज्जाद सालिक, डॉ फरहा दिवा फातिमा आदि ने अलग-अलग स्कूलों में छात्र व छात्राओं को कैंसर के प्रति जागरूक किया. इन चिकित्सकों ने बताया कि असामान्य वेजाइनल डिस्चार्ज, असामान्य वेजाइनल ब्लीडिंग, भारी और लंबा मासिक धर्म, पेल्विक पेन, अचानक वज़न कम होना, पेशाब या मल पर नियंत्रण में दिक्कत, पैर में दर्द, लक्षण दिखने पर देरी न करने और चिकित्सकीय सलाह लेने का संदेश दिया गया. चिकित्सकों ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नज़र अंदाज़ करना घातक हो सकता है. अगर आपको ब्रेस्ट या बगल में गांठ, ब्रेस्ट की त्वचा में डिंपल या टेक्सचर में बदलाव, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना या निप्पल से डिस्चार्ज, ब्रेस्ट के आकार या साइज़ में बदलाव, ब्रेस्ट में दर्द, लालिमा या सूजन, अगर ये लक्षण सामान्य से अधिक समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गयी है.

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ARUN KUMAR

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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