डगरूआ. प्रखंड क्षेत्र स्थित लाल बालू सामुदायिक भवन परिसर में वर्ष 2012-13 में लगाए गए सौर ऊर्जा चलित आयरन निष्कासन संयंत्र व मिनी ग्रामीण जलापूर्ति योजना पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह से ठप है. इसकी जानकारी देते हुए इस जलापूर्ति संयंत्र के ऑपरेटर कमल चंद्र अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2012 में लालबालू गांव को निर्मल ग्राम के रूप में चयनित करने के बाद ग्रामीणों को आयरन मुक्त स्वच्छ जलापूर्ति के लिए यह संयंत्र लोग स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा लगाया गया था.जो वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक चालू स्थिति में रहा.जबकि 2017 के बाद करीब तीन वर्षों तक फिर से खराब स्थिति में पड़ा रहा.वहीं ऑपरेटर के मुताबिक कोरोना काल में कुछ महीनो के लिए जलापूर्ति में हुई खराबी को विभाग द्वारा मरम्मत कराकर जलापूर्ति को फिर से चालू किया गया. बताया गया कि करीब चार वर्षों से यह बिल्कुल खराब स्थिति में पड़ा हुआ है.वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वच्छ जलापूर्ति एवं आयरन मुक्त जल से ग्राम वासियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से स्थापित या संयंत्र बिल्कुल पिछले कई सालों से ठप पड़ा है.जिसे विभाग की ओर से मशीन को चालू अवस्था में लाने को लेकर कोई कारगर पहल नहीं की जा रही है.वहीं संयंत्र के ऑपरेटर कमल चन्द्र अधिकारी ने बताया कि विभाग से कई बार इस जल संयंत्र को ठीक करवाने लिए कहा गया है. बताया कि जलापूर्ति चालू होने के बाद कुछ दिनों तक उन्हें मानदेय के रूप में विभाग द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान किया गया था. लेकिन पिछले कई वर्षों से मशीन बंद पड़ी रहने की वजह से उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है. ग्रामीणों ने विभाग एवं जिला प्रशासन से बंद पड़े जल मीनार अविलम्ब चालू करवाने की मांग की है.
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