दलितों की आवाज को दबाना चाहती है बिहार सरकार : बिजेंद्र

Edited by ARUN KUMAR
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जिला कांग्रेस कमेटी

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पूर्णिया. जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने कहा कि 15 मई को बिहार में दो अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं, जिन्होंने समूचे बिहार की राजनीति की दिशा ही बदल दी. पहली घटना यह कि देश के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दरभंगा से दलित समाज के लिए एक ऐतिहासिक लड़ाई की बुनियाद रख दी. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होने कहा कि दरभंगा में राहुल गांधी को दलित, ओबीसी और ईबीसी छात्रों से मिलने से रोकने की घटना एक मंत्री के इशारे पर की गयी. क्योंकि कार्यक्रम की तैयारी विगत तीन दिनों से सामान्य तरीके से संचालित हो रही थी और प्रशासन ने सफाई से लेकर सड़क निर्माण और अन्य व्यवस्था में सहयोग मिल रहा था लेकिन अचानक से अंतिम वक्त पर प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति से इनकार कर दिया.उन्होने कहा कि एक ओर भाजपा-जेडीयू की सरकार दलितों की आवाज़ दबाने के लिए “शिक्षा, न्याय -संवाद” कार्यक्रम को रोकना चाहती थी, तो दूसरी ओर राहुल गांधी का आत्मबल था, जो उन्हें बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान से प्राप्त हुआ है. देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि कोई भी ताकत उन्हें उस कार्यक्रम में भाग लेने से रोक नहीं सकती. और अंततः जीत हुई दलित छात्रों और बाबा साहेब अंबेडकर के सिद्धांतों की हुई. उन्होने कहा कि यह सिद्ध हो गया कि बाबा साहेब का संविधान इतनी शक्ति रखता है कि वह बड़े से बड़े तानाशाह को भी परास्त कर सकता है. बिहार की भाजपा-जेडीयू सरकार बुरी तरह से बेनकाब हो गयी. उनका दलित, आदिवासी, ओबीसी, ईबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों के हितैषी बनने का पाखंडी मुखौटा उतर गया.

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