ePaper

‘साइलेंट किलर’ से रहें सावधान वरना हो सकता है गंभीर परिणाम

Updated at : 20 May 2025 6:47 PM (IST)
विज्ञापन
‘साइलेंट किलर’ से रहें सावधान वरना हो सकता है गंभीर परिणाम

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे

विज्ञापन

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे’ पर एपीआइ ने आम लोगों को किया जागरूक

पूर्णिया. एसोसिएशन ऑफ फिशिजियन ऑफ इंडिया (एपीआइ) ने ‘वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे’ पर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया. इस दिन की शुरूआत सभी ने अपने-अपने क्लीनिक पर पोस्टर-बैनर लगाकर मरीजों के बीच बल्ड प्रेशर (बीपी) के संबंध में जानकारी दी. सभी मरीजों को इस दिवस का मकसद बताते हुए कहा कि हाइपरबीपी को एक तरह से ‘साइलेंट किलर’है. क्योंकि इसके लक्षण तुरंत नजर नहीं आते, लेकिन यह धीरे-धीरे हमारे दिल, किडनी और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर तीसरा व्यक्ति हाइ बीपी से पीड़ित है. अधिकांश लोगों को यह पता भी नहीं होता कि उन्हें यह बीमारी है. ऐसे में वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर हाई बीपी के लक्षण, कारण और इससे बचने के आसान तरीके कौन से हैं, इसपर पूर्णिया के सभी एपीआइ के चिकित्सकों ने एक वर्कशॉप का आयोजन किया. इसमें डॉ निशीकांत और डॉ सौकत अली ने हार्ट फेल्योर पर अपना प्रेजेंटेशन दिया. इस वर्कशॉप के लिए डॉ. देवी राम, डॉ आरके मोदी, डॉ एसपी सिंह, डॉ अरविंद कुमार चेयरपर्सन बनाया गया.डॉ. निशि कांत ने मंच संचालन किया. क्लिनिकल मीटिंग में डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. आलोक, डॉ. अभिषेक, डॉ. वाणी कुमार, डॉ. अमित, डॉ. बिनोद कुमार, डॉ. सुजीत, डॉ. विश्वनाथ, डॉ. भास्कर, डॉ. साहबाज़ करीम और अन्य डॉक्टर मौजूद थे.

सेडेंटरी लाइफस्टाइल से बचें

इस अवसर पर एपीआइ के चीफ पेट्रोन डॉ देवी राम ने बताया कि सेडेंटरी लाइफस्टाइल ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है. लंबे समय तक बैठे रहना मोटापे का कारण भी बनता है, जो हाइपरटेंशन का जोखिम बढ़ाता है. इसलिए सेडेंटरी लाइफस्टाइल से बचना चाहिए और बीच-बीच में शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए. इस अवसर पर एपीआइ के अध्यक्ष डॉ आर के मोदी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के हवाले से बताया कि उच्च रक्तचाप से हर साल 75 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है और दुनिया भर में 1.28 अरब से अधिक लोग इससे प्रभावित होते हैं. उच्च रक्तचाप के बारे में जानकारी की कमी के कारण, बहुत से लोग इसके लक्षणों की पहचान नहीं कर पाते हैं. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, उच्च रक्तचाप से पीड़ित 46 फीसदी वयस्क इस बात से अनजान हैं कि उन्हें यह बीमारी है. उच्च रक्तचाप से पीड़ित आधे से भी कम वयस्कों (42 फीसदी) का निदान और उपचार किया जाता है. उच्च रक्तचाप से पीड़ित लगभग पांच में से एक वयस्क (21 फीसदी) इसे नियंत्रण में रखता है.

व्यायाम को दैनिक दिनचर्या में करें शामिल

एपीआइ के सचिव डॉ. निशिकांत ने बताया कि ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ती है, जो रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है. प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड और पैकेट स्नैक्स में नमक की मात्रा अधिक होती है. इसलिए अपनी डाइट में इनके बजाए हेल्दी डाइट एड करें. साथ ही संतुलित मात्रा में नमक का सेवन करें. डॉ निशी कांत ने कहा कि नमक कम लेने, तनाव कम करने, 6 घंटे गहरी नींद लेने और हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन करने से बीपी की बीमारी से बच सकते हैं. डॉ देवी राम ने कहा कि व्यायाम को दैनिक दिनचर्या में शामिल करके, धूम्रपान और शराब का निषेध कर हम बीपी को बढ़ने से रोक सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ARUN KUMAR

लेखक के बारे में

By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन