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शादी से प्रेमी के इनकार करने पर थानाध्यक्ष के कक्ष में फंदे से झूल गयी प्रेमिका, फिर...

Updated at : 31 May 2019 7:22 PM (IST)
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शादी से प्रेमी के इनकार करने पर थानाध्यक्ष के कक्ष में फंदे से झूल गयी प्रेमिका, फिर...

जलालगढ़ (पूर्णिया) : प्रेम प्रसंग को ले दो पक्षों में विवाद के बीच प्रेमी की ओर शादी से इनकार किये जाने के बाद युवती ने थानाध्यक्ष के कक्ष में खुद को बंद कर फंदे से झूल गयी. कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिस ने आनन-फानन में उसे फंदे से उतारा गया. गंभीर हालत में उसे इलाज […]

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जलालगढ़ (पूर्णिया) : प्रेम प्रसंग को ले दो पक्षों में विवाद के बीच प्रेमी की ओर शादी से इनकार किये जाने के बाद युवती ने थानाध्यक्ष के कक्ष में खुद को बंद कर फंदे से झूल गयी. कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिस ने आनन-फानन में उसे फंदे से उतारा गया. गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए पीएचसी जलालगढ़ लाया गया, जहां से पूर्णिया रेफर कर दिया गया. इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष बकमलाल मांझी ने बताया कि दोनों पक्ष से प्रारंभिक बातचीत के बाद युवती को महिला चौकीदार के संरक्षण में रखा गया था. इसी बीच, महिला चौकीदार को चकमा देकर युवती कमरे में गयी और कमरे को अंदर से बंदकर घटना को अंजाम दिया. हालांकि, पुलिसकर्मियों की तत्परता से उसे जीवित फंदे से मुक्त किया गया. जानकारी के मुताबिक, बोचगांव निवासी सुरेश शर्मा के पुत्र गोपाल कुमार शर्मा और चक पंचायत निवासी गुरुशरण ततमा की बेटी सुधा के बीच डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. गुरुवार की शाम को सुधा को गोपाल ने जलालगढ़ ओवरब्रिज के नीचे बुलाया था जहां दोनों को एक साथ गांव के कुछ लोगों ने देख लिया. इसी के बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया.

पंचायत में विवाद बढ़ने पर बुलायी गयी पुलिस

एक साथ पकड़े जाने के बाद युवती के परिजन दोनों को अपने घर चक लेकर गये. वहां से युवती के परिजनों ने युवक के परिजनों को खबर की. वहीं, इस मसले पर गांव में पंचायत भी बैठायी गयी. सभी चक के काली मंदिर के पास इस मामले को सुलझाने में जुटे. दोनों तरफ की बात को सुन जब पंच ने प्रेमी-प्रेमिका से सार्वजनिक बयान लिया तो दोनों ने प्रेम-प्रसंग की बात बताते हुए कहा कि हम दोनों शादी करेंगे और एक साथ रहेंगे. हालांकि, प्रेमी के पिता ने कहा कि यह नहीं हो सकता है. इस बात को लेकर दोनों पक्षों में काफी बहस होने लगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जलालगढ़ थाना को सूचना दी गयी.

रात में प्रेमी-प्रेमिका को लेकर थाने चली गयी पुलिस

दोनों पक्षों के विवाद की सूचना मिलने से जलालगढ़ थाना से गश्ती दल को चक पंचायत के काली मंदिर परिसर में भेजा गया. प्रारंभिक जानकारी लेने के बाद पुलिस ने दोनों प्रेमी और प्रेमिका का कब्जे में लिया और रात 9 बजे के करीब दोनों को साथ में लेकर थाना लौट गयी. शुक्रवार सुबह दोनों के अभिभावक जब थाना आये तो मामले को सुलह कराने तथा दोनों की शादी कराने का एक ओर प्रयास किया गया. दोनों पक्षों के बीच इस मसले पर बातचीत भी शुरू हुई. हालांकि नतीजा सिफर रहा.

घरवालों के दबाव में प्रेमी ने शादी से किया इनकार

थाने में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दरमियान प्रेमी युवक अपने घरवालों के दबाव में आ गया. उसके बाद वह शादी को लेकर ना-नुकुर करने लगा. इसके बाद प्रेमी और प्रेमिका को अलग-अलग स्थान पर रखा गया. युवती को थानाध्यक्ष के कक्ष के आगे बैठकखाने में महिला चौकीदार के संरक्षण में रखा गया. मौका देखकर प्रेमिका ने थानाध्यक्ष के कक्ष में गयी और दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया.

फंदे से लटकी युवती की चल रही थी सांस

जैसे ही प्रेमिका ने खुद को थानाध्यक्ष के कक्ष में बंद किया वैसे ही पुलिसकर्मियों में अफरातफरी मच गयी. सभी पुलिसकर्मी दरवाजे खोलने का प्रयास करने लगा. किसी तरह दरवाजे को तोड़कर पुलिसकर्मियों ने अंदर प्रवेश किया. अंदर घुसते ही पुलिसकर्मी सन्न रह गए. कमरे के पंखे में दुपट्टा बांधकर वह फंदे से लटकी हुई थी. जब उसे नीचे उतारा गया, तो उसकी सांसें चल रही थी. इसके बाद आनन-फानन में युवती को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन पर बैठाया गया.

अस्पताल ले जाने के क्रम में प्रेमी हो गया साथ

वहीं, थाने में हुए इस घटनाक्रम के बाद प्रेमी पर परिजनों का दबाव अचानक फुर्र हो गया. प्रेमिका को इलाज के लिए ले जाते देख प्रेमी उस वाहन में घुस गया. पीएचसी से सदर अस्पताल के लिए जब लड़की को इलाज के लिए ले जा रहे थे, तो उसी वाहन पर प्रेमी-प्रेमिका दोनों एक दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खा रहा थे. जीवन एक साथ बिताने का वादा कर रहे थे.

डॉक्टर ने कहा, खतरे से बाहर पर बेहतर जांच की जरूरत

प्रभारी थानाध्यक्ष बकमलाल मांझी ने लड़की को इलाज के लिए पुलिस वाहन से पीएचसी जलालगढ़ भेजा, जहां डॉ भीमलाल ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल पूर्णिया भेज दिया. अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि लड़की खतरे से बाहर है. ज्यादा कोई परेशानी नहीं है फिर भी बेहतर जांच की जरूरत को देखते हुए रेफर किया गया है. प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में किसी पक्ष ने कोई आवेदन नहीं दिया है. लड़की को इलाज के लिए पुलिस पदाधिकारी और महिला चौकीदार के साथ भेजा गया है.

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