Property Tax: पटना नगर निगम की OTS योजना, जाने 82 करोड़ की पेनाल्टी माफ करके, कितने टैक्स वसूली हुई
Patna Municipal Corporation
property tax: 82 करोड़ रुपये की पेनाल्टी माफ, घर-घर जाकर समझाइश और एकमुश्त भुगतान पर छूट, फिर भी पटना नगर निगम की तिजोरी लगभग खाली है. सवाल यह है कि जब राहत इतनी बड़ी है, तो प्रॉपर्टी टैक्स भरने में लोग अब भी पीछे क्यों हैं?
property tax: पटना नगर निगम ने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को रफ्तार देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस योजना लागू की है. इस योजना के तहत अब तक करीब 82 करोड़ रुपये की पेनाल्टी माफ की जा चुकी है. इसके बावजूद 20 दिनों में सिर्फ 5.29 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है. निगम क्षेत्र में लाखों पंजीकृत होल्डिंग और संभावित टैक्स बेस के बावजूद यह आंकड़ा प्रशासन के लिए चिंता का संकेत बन गया है.
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पटना नगर निगम ने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बड़ा कदम उठाया. वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस योजना लागू कर निगम ने अब तक करीब 82 करोड़ रुपये की पेनाल्टी माफ कर दी. मकसद साफ था—लोगों को राहत देकर टैक्स भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना.
20 दिन में सिर्फ 5.29 करोड़ की वसूली
ओटीएस योजना लागू हुए करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इस दौरान पटना नगर निगम महज 5.29 करोड़ रुपये की ही वसूली कर सका है. इसमें से 3.80 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में और 1.48 करोड़ रुपये सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट चार्ज के रूप में जमा हुए हैं. निगम क्षेत्र में फिलहाल करीब 2.93 लाख होल्डिंग पंजीकृत हैं, ऐसे में यह आंकड़ा प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है.
बिजली उपभोक्ताओं से बढ़ सकता है टैक्स बेस
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पटना जिले में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 5.48 लाख है. इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां अब भी टैक्स नेटवर्क से बाहर हो सकती हैं. अगर इन्हें टैक्स दायरे में लाया जाता है तो निगम की आय में बड़ा इज़ाफा संभव है. इसी संभावना को देखते हुए निगम टैक्स बेस बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है.
घर-घर दस्तक के बाद भी सुस्ती बरकरार
बकाया टैक्स की वसूली तेज करने के लिए निगम ने विशेष टीमें बनाई हैं. ये टीमें 22 दिसंबर से घर-घर जाकर लोगों को टैक्स भुगतान के लिए जागरूक कर रही हैं और एकमुश्त भुगतान करने पर ब्याज व दंड में छूट की जानकारी दे रही हैं. इसके बावजूद लोगों की उदासीनता साफ नजर आ रही है. अंचलवार आंकड़ों पर नज़र डालें तो पाटलिपुत्र, नूतन राजधानी और बांकीपुर अंचल से अपेक्षाकृत अधिक भुगतान हुआ है.
पेनाल्टी माफ, लेकिन कई जगह बढ़ा टैक्स
एक तरफ जहां ओटीएस योजना के तहत पेनाल्टी माफ की गई है, वहीं दूसरी ओर करीब 48 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का टैक्स बढ़ा दिया गया है. होटल, जिम, हेल्थ क्लब, विवाह भवन, बैंक, बीमा कंपनियों और बड़े गोदामों का टैक्स दोगुना कर दिया गया है. कोचिंग संस्थान, नर्सिंग होम, निजी शैक्षणिक संस्थान, शोरूम, शॉपिंग मॉल, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स और रेस्टोरेंट पर डेढ़ गुना टैक्स वसूला जाएगा.
नगर निगम ने 19 नई सड़कों को प्रधान मुख्य सड़क का दर्जा दिया है. इसके दायरे में आने वाली 5000 से अधिक संपत्तियों पर टैक्स बढ़ा दिया गया है. इससे एक ओर निगम की आय बढ़ने की उम्मीद है, तो दूसरी ओर संपत्ति मालिकों में असंतोष भी देखा जा रहा है.
राजस्व बढ़ाने की चुनौती अब भी कायम
पटना नगर निगम के लिए ओटीएस योजना एक राहत भरा प्रयोग जरूर है, लेकिन अब तक के आंकड़े बताते हैं कि केवल पेनाल्टी माफी से टैक्स वसूली की समस्या हल नहीं होगी. लोगों में भरोसा और जागरूकता बढ़ाना, टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाना और टैक्स नेटवर्क का विस्तार करना, ये चुनौतियां अब भी निगम के सामने खड़ी हैं.
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