शैक्षणिक शोध लेखन को बेहतर बनाने के लिए जेनरेटिव एआइ का लाभ उठाने पर कार्यशाला का हुआ आयोजन

Published by : JUHI SMITA Updated At : 12 Sep 2025 6:25 PM

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यह कार्यक्रम विशेष रूप से संकाय सदस्यों और छात्र अनुसंधान परियोजना ( एसआरपी 2025) के प्रतिभागियों के लिए तैयार किया गया था.

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संवाददाता, पटना पटना वीमेंस कॉलेज के अनुसंधान प्रकोष्ठ की ओर से कार्मेल हॉल में शैक्षणिक शोध लेखन को बेहतर बनाने के लिए जेनरेटिव एआइ का लाभ उठाना विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम विशेष रूप से संकाय सदस्यों और छात्र अनुसंधान परियोजना ( एसआरपी 2025) के प्रतिभागियों के लिए तैयार किया गया था. इस कार्यशाला में चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, पटना (सीआइएमपी) के दो प्रतिष्ठित शिक्षाविद डॉ राजश्री पिल्लई और डॉ ऋषभ राजन, डॉ राजश्री पिल्लई शामिल हुए. जेनरेटिव एआइ के कई उपकरणों को प्रदर्शित किया और शोध लेखन में उनके उपयोग पर प्रकाश डाला, जिसमें साहित्य समीक्षा, संदर्भ प्रबंधन, सारांश और संपादन शामिल थे. उन्होंने मौलिकता और शैक्षणिक अखंडता सुनिश्चित करने के लिए एआइ के नैतिक उपयोग पर भी जोर दिया. डॉ ऋषभ राजन ने शोध लेखन के मूल सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित किया. इस कार्यशाला में एसआरपी 2025 में लगे 250 से अधिक अंतिम वर्ष के यूजी और पीजी छात्राओं और 75 पर्यवेक्षकों के साथ-साथ अनुसंधान प्रकोष्ठ के सदस्यों ने भी भाग लिया. पटना वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी ने ऐसे सामयिक और प्रासंगिक कार्यशालाओं के आयोजन के लिए अनुसंधान प्रकोष्ठ के प्रयासों की सराहना की.

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