Bihar Weather : इस बार बिहार में घुटन भरी धुंध से सांस लेने में नहीं होगी दिक्कत, गिरेगी कड़ाके की ठंड, लंबा होगा स्पेल

Bihar Weather Forecast, Rain, Thunderstorm, Smog, Fog, Winter Season : सामान्य तौर पर बिहार के शहरी क्षेत्रों के लिए यह अच्छी खबर यह आयी है कि इस साल बेहतर बारिश और लॉकडाउन के चलते सर्दियों में स्मॉग (कोहरे के साथ धुंध) में अच्छी-खासी कमी आयेगी. इससे सर्दियों में उन लोगों को खासी राहत मिलेगी, जिन्हें धुंध के चलते सांस लेने में दिक्कत आती है.
Bihar Weather Forecast, Rain, Thunderstorm, Smog, Fog, Winter Season : सामान्य तौर पर बिहार के शहरी क्षेत्रों के लिए यह अच्छी खबर यह आयी है कि इस साल बेहतर बारिश और लॉकडाउन के चलते सर्दियों में स्मॉग (कोहरे के साथ धुंध) में अच्छी-खासी कमी आयेगी. इससे सर्दियों में उन लोगों को खासी राहत मिलेगी, जिन्हें धुंध के चलते सांस लेने में दिक्कत आती है.
स्मॉग की दिक्कत से खासतौर पर प्रदेश के उन शहरों को काफी राहत मिलेगी, जहां सर्दियों के दौरान हवा में धूल कण और जहरीली गैसों की मात्रा अधिक रहती थी. पिछले छह माह में लगातार प्रदेश की हवा में धूल कणों की मात्रा में 50 फीसदी से भी अधिक गिरावट आयी है. ऐसा कई दशकों बाद देखा गया है.
जानकारी के मुताबिक फॉग के साथ ही स्मॉग पैदा होता है. दरअसल जल वाष्प में जब वायु प्रदूषण बढ़ जाता है तब स्मॉग पैदा होता है. इसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, बेंजीन आदि गैसें होती हैं, जो कि सूर्य के प्रकाश के साथ गठबंधन कर ओजोन गैस बनाती हैं. दरअसल लॉकडाउन के दौरान बिहार के शहरों में वाहन नहीं चले. लिहाजा हानिकारक गैस हवा में नहीं आयी.
आइएमडी पटना के आधिकारिक आकलन के मुताबिक इस साल बिहार में सर्दी सामान्य पड़ेगी. हालांकि कोहरा ज्यादा बनेगा, क्योंकि अब तक हुई करीब 1300 मिलीमीटर के आसपास बारिश से जलवाष्प की मात्रा अच्छी-खासी है. शुरू हो चुकी पोस्ट मॉनसून भी सामान्य से तीस फीसदी अधिक है. खासतौर पर गंगा के मैदानी इलाके में कोहरे का घनत्व काफी बढ़ा हुआ होगा. सर्दी भी बहुत जल्दी आयेगी. आइएमडी पटना की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 12 से 14 अक्तूबर के बीच मॉनसून की वापसी शुरू हो जायेगी. हालांकि दो-तीन दिन अभी बारिश हो सकती है. हालांकि नया सिस्टम बनने की आशंका अब नहीं है.
फॉग : कोहरा उस समय बनता है, जब हवा में मौजूद जलवाष्प ठंडी होकर हवा में जमने लगती है. उस दौरान पानी की बूंदें हवा में तैरने लगती हैं. ये सफेद रंग का धुआं जैसा होता है.
स्मॉग : यह तब बनना शुरू होता है,जब जैविक यौगिक और नाइट्रोजन ऑक्साइड ओजोन बनाने के लिए सूर्य के प्रकाश के साथ प्रतिक्रिया करने लगते हैं. दूसरे शब्दों में वायु प्रदूषण जब फॉग से मिलता है, तब स्मॉग का निर्माण होता है. इसका रंग गहरा भूरा होता है.
इस साल बिहार में जिस तरह की सर्दी पड़ती है, वैसी पड़ेगी. हालांकि विशेष रूप से गंगा के मैदानी इलाके में अच्छा कोहरा लगेगा. सबसे राहत की बात यह है कि इस साल कोहरे के साथ स्मॉग जैसी परिस्थिति बिहार में नहीं बनेंगी, क्योंकि हवा में प्रदूषित तत्वों की मात्रा कम रही है.
-विवेक सिन्हा, क्षेत्रीय निदेशक, पटना परिक्षेत्र, आइएमडी
Posted By : Sumit Kumar Verma
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




