जल संरचनाओं की पहचान कर कराया जायेगा अतिक्रमणमुक्त

राज्य में अतिक्रमण की गयी जल संरचनाओं की पहचान कर उन सभी को अतिक्रमण मुक्त किया जायेगा.
– जल–जीवन–हरियाली दिवस पर परिचर्चा का हुआ आयोजन – सभी 15 संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने विभागीय कार्यों से कराया अवगत संवाददाता, पटना राज्य में अतिक्रमण की गयी जल संरचनाओं की पहचान कर उन सभी को अतिक्रमण मुक्त किया जायेगा. इनमें कुआं, तालाब, पोखर, छोटी नदियां, आहर, पइन सहित अन्य जल संरचनाएं शामिल हैं. यह निर्णय जल–जीवन–हरियाली दिवस के अवसर पर राजस्व सर्वेक्षण (प्रशिक्षण) संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित कार्यक्रम में सभी 15 विभागों के अधिकारियों ने मिलकर लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने किया. इस अवसर पर उन्होंने जल–जीवन–हरियाली अभियान की महत्ता और पिछले छह वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभियान से जुड़े सभी 15 विभागों के समन्वित प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के सभी 11 अवयवों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है. प्रत्येक माह कार्यों की समीक्षा करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह ने परिचर्चा में पौधरोपण, आधुनिक सिंचाई व्यवस्था और जल संरचनाओं को अतिक्रमणमुक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल ने कहा कि अब तक इस दिशा में संतोषजनक काम हुआ है. इसे और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबद्ध विभागों को बेहतर प्रयास करने होंगे, तभी आने वाली पीढ़ी जल संकट की समस्या से बच पायेगी. अभियान को लेकर हुई विस्तृत चर्चा जल–जीवन–हरियाली अभियान के मिशन उप निदेशक राम कुमार पोद्दार ने दो अक्टूबर 2019 से शुरू अभियान की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि छह वर्षों की अवधि में यह अभियान राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर सराहा गया है और बिहार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मिसाल पेश की है. इस मौके पर ग्रामीण विकास, भवन निर्माण, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायती राज, लघु जल संसाधन, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृषि, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पशु एवं मत्स्य संसाधन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने इस दिशा में हो रहे कार्यों से अवगत कराया. कार्यक्रम में भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे प्रियदर्शिनी, विशेष कार्य पदाधिकारी चंद्रिका अत्री भी मौजूद थीं. कार्यक्रम का संचालन सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी पल्लवी ने किया. धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव आजीव वत्सराज ने किया.
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