ePaper

वन्य जीवों के उत्पादों में मौजूद हैं औषधीय गुण : प्रो शांडिल्य

Updated at : 08 Oct 2025 8:54 PM (IST)
विज्ञापन
वन्य जीवों के उत्पादों में मौजूद हैं औषधीय गुण : प्रो शांडिल्य

टीपीएस कॉलेज के जैव विविधता क्लब और बॉटनी विभाग ने राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह (2-8 अक्तूबर) के समापन पर आज एक अतिथि व्याख्यान और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया

विज्ञापन

-टीपीएस कॉलेज में राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के समापन पर अतिथि व्याख्यान संवाददाता, पटना टीपीएस कॉलेज के जैव विविधता क्लब और बॉटनी विभाग ने राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह (2-8 अक्तूबर) के समापन पर आज एक अतिथि व्याख्यान और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया. इसका उद्देश्य छात्रों में जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो तपन कुमार शांडिल्य ने की. प्रो शांडिल्य ने कहा कि आक्रामक पादप प्रजातियां, जैसे माइमोसा पुदिका और क्रोमोलेना ओडोराटा, हमारी जैव विविधता को गंभीर खतरा पहुंचा रही हैं, जिससे पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ रहा है. सर्प विष से बनी कैप्टोप्रिल जैसी दवाएं हृदय रोग और उच्च रक्तचाप में जीवन रक्षक हैं, तो समुद्री जीवों से प्राप्त ओमेगा-3 फैटी एसिड्स हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं. कछुओं के खोल से कैल्शियम-आधारित औषधियां और केंचुओं से एंजाइम-आधारित दवाएं भी चिकित्सा में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं. इन प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए युवाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभानी होगी. प्रो रिमझिम शील ने ‘इनवेसिव प्लांट स्पीशीज: थ्रेट टू बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम’ पर व्याख्यान दिया. उन्होंने पार्थेनियम हिस्टीरोफोरस और मिकेनिया माइक्रेंथा जैसे पौधों से मिट्टी क्षरण, जल कमी और वन्यजीव आवास नष्ट होने के खतरों पर चर्चा की. बॉटनी विभागाध्यक्ष डॉ विनय भूषण कुमार ने कहा कि एग्रेटम कॉनिजॉइड्स और इपोमिया कार्निया जैसी प्रजातियां जैव विविधता, कृषि और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही हैं. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ सानंदा सिन्हा ने कहा कि जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियां पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डाल रही हैं. हमें जैव विविधता संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे. उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया. सात अक्टूबर की पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं में प्रथम: आंचल श्री शर्मा, द्वितीय: निशा भारती, तृतीय: अमन कुमार को प्रो रिमझिम शील और प्रो शांडिल्य ने पुरस्कृत किया. कार्यक्रम में डॉ विजय कुमार सिन्हा, डॉ प्रशांत कुमार, डॉ ज्योत्सना कुमारी, डॉ उमेश कुमार, डॉ राजीव रंजन, डॉ हंस कुमार सिंह, डॉ सुशोभन पलाधि, डॉ अभिनव आनंद, और अरविंद कुमार उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANURAG PRADHAN

लेखक के बारे में

By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन