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पबजी खेलते-खेलते नाबालिग को हरियाणा के युवक से हुआ प्यार, पटना जंक्शन पहुंची

Updated at : 11 Nov 2025 12:41 AM (IST)
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पबजी खेलते-खेलते नाबालिग को हरियाणा के युवक से हुआ प्यार, पटना जंक्शन पहुंची

पबजी गेम खेलते-खेलते ओडिशा की लड़की को हरियाणा के युवक से प्यार हो गया. इसके बाद वह घर से भाग कर लड़के से मिलने पटना जंक्शन पहुंच गयी.

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संवाददाता, पटना:

पबजी गेम खेलते-खेलते ओडिशा की लड़की को हरियाणा के युवक से प्यार हो गया. इसके बाद वह घर से भाग कर लड़के से मिलने पटना जंक्शन पहुंच गयी. परिजनों ने राउरकेला थाने में इस संबंध में सनहा दर्ज करवाया. इधर नाबालिग ने हरियाणा के लड़के से मिलने के लिए पटना पहुंच गयी थी. रेलवे पुलिस के द्वारा शनिवार को घर वालों को जानकारी मिली की पटना रेलवे पुलिस ने नाबालिग लड़की और एक लड़का को पकड़ा है. इसके बाद रेल पुलिस ने इसकी सूचना लड़की के परिजनों को दे दी. सोमवार ओडिशा पुलिस ने लोकेशन के आधार पर लड़की को बरामद कर लिया. इसके बाद पुलिस परिजनों के साथ नाबालिग को लेकर वापस लौट गयी. वहीं राउरकेला में युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया है. नाबालिग के भाई ने बताया कि मोहल्ले की एक लड़की ने बहन को बहला-फुसलाकर घर से भगायी है. वहीं

सिंगल प्लेयर से टीम बनकर खेलने लगी

नाबालिग पबजी खेलने की शौकीन थी. गेम खेलने के दौरान उसका परिचय हरियाणा में रहने वाले युवक शिवम कुमार से हुई. दोनों ने एक ही टीम में खेलना शुरू किया, धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल गया. नाबालिग रोज युवक से चैट, कॉल और वीडियो पर बातचीत करने लगी. इस बात की जानकारी जब परिवार को हुई तो घर में लड़की ने जमकर हंगामा किया और घरवालों के विरोध के बावजूद वह युवक से मिलने पटना पहुंच गयी.

गेम में किल और विनर जैसे शब्द से बच्चे हो रहे आक्रामक

ऑनलाइन गेम पबजी ने बच्चों और किशोरों पर गहरा असर डाला है. स्कूल से लौटने के बाद बच्चे अब मैदान में नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन पर दुश्मनों से लड़ाई में व्यस्त रहते हैं. 10 से 18 साल के बच्चों में यह गेम इतनी तेजी से लोकप्रिय हुआ कि कई अपनी पढ़ाई, नींद और व्यवहार तक को भूल बैठे हैं. लगातार गेम खेलने से बच्चों में गुस्सा, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी, और सामाजिक दूरी बढ़ रही है. गेम में किल और विनर जैसे शब्द दिमाग में हिंसा की भावना बढ़ा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KUMAR PRABHAT

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KUMAR PRABHAT is a contributor at Prabhat Khabar.

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