वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में संघर्ष खत्म करने को लेकर बिहार सरकार गंभीर, पांच गांवों को बनाया जाएगा मॉडल

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बिहार के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन पीके गुप्ता ने बताया कि डब्ल्यूटीआइ, नेशनल ट्रस्ट फॉर नेचर कंजर्वेशन (एनटीएनसी) नेपाल और चेस्टर जू (यूके) ने संयुक्त रूप से परियोजना के लिए आवेदन किया था और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग से समर्थन पत्र मांगा था.

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पटना. मानव और जंगली जानवरों के बीच के संघर्ष को खत्म करने के लिए पश्चिम चंपारण जिले में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास के पांच गांवों को एक मॉडल के तौर पर विकसित किया जायेगा. अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार इसको लेकर भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट (डब्ल्यूटीआइ), एक नेपाली संगठन और परियोजना के लिए यूके स्थित एक चिड़ियाघर के साथ हाथ मिलाने जा रही है. उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य वाल्मीकि-चितवन-परसा सीमा पार के परिदृश्य में मानव और मांसाहारी वन्यजीवों के बीच के संघर्ष को समाप्त करना है.

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विभाग ने दे दी है हरी झंडी

बिहार के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन पीके गुप्ता ने बताया कि डब्ल्यूटीआइ, नेशनल ट्रस्ट फॉर नेचर कंजर्वेशन (एनटीएनसी) नेपाल और चेस्टर जू (यूके) ने संयुक्त रूप से परियोजना के लिए आवेदन किया था और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग से समर्थन पत्र मांगा था. उन्होंने कहा कि विभाग ने इस पहल को हरी झंडी दे दी है. चेस्टर चिड़ियाघर पिछले कई सालों से दुनिया भर में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है, जिसमें नेपाल का तराई भी शामिल है, जहां इंसानों और बाघ के बीच संघर्ष चिंता का विषय है.

मानव-वन्यजीव संघर्ष कई प्रजातियों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक

चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष दुनिया भर में कई प्रजातियों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है. परियोजना सामुदायिक जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करेगी, पशुधन के नुकसान को कम करने के तरीकों का विकास करेगी और ग्रामीण प्रथाओं और व्यवहार संबंधी मुद्दों को बदल देगी. तीन साल तक चलने वाली यह परियोजना 2023 में शुरू होगी.

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आदमखोर बाघ ने ली थी नौ लोगों की जान 

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का एक आदमखोर बाघ हाल ही में खबरों में था, जिसने नौ लोगों और सैकड़ों घरेलू पशुओं को मार डाला था. उसे इसी साल अक्टूबर में गोली मार दी गयी थी. आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2014 और 2018 के बीच राज्य में बाघों की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 32 से लगभग 50 हो गयी है.

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