पटना में कोर्बीवैक्स नहीं रहने के कारण बंद है 14 साल के बच्चों का टीकाकरण, कोविशिल्ड का स्टॉक भी खत्म

पटना जिले में अब तक 12 से 14 वर्ष के 61 प्रतिशत बच्चों ने ही वैक्सीन लगायी है, जिनमें से 68 प्रतिशत ने दूसरा डोज लिया है. इस तरह इस वर्ग के 39 प्रतिशत बच्चों ने एक भी डोज नहीं लिया है.
साकिब, पटना. कोरोना एक बार फिर से दस्तक दे रहा है. पटना जिले का टीकाकरण में बेहतर प्रदर्शन रहा है, लेकिन जिले में 12 से 14 उम्र वर्ग के बच्चों टीकाकरण इन दिनों बंद है. इसका कारण इस वर्ग के बच्चों को लगने वाली कोर्बीवैक्स वैक्सीन का उपलब्ध नहीं होना है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक नवंबर से ही इस वर्ग के बच्चों का वैक्सीनेशन बंद है. इसके कारण हर दिन टीका लगवाने की चाह में सेंटरों पर पहुंच कर बच्चे लौट रहे हैं. जिले में अब तक इस वर्ग के 61 प्रतिशत बच्चों ने ही वैक्सीन लगायी है, जिनमें से 68 प्रतिशत ने दूसरा डोज लिया है. इस तरह इस वर्ग के 39 प्रतिशत बच्चों ने एक भी डोज नहीं लिया है.
दूसरी ओर 15 से 17 उम्र वर्ग में 60 प्रतिशत बच्चों ने वैक्सीन लगायी है, जिनमें 72 प्रतिशत ने दूसरा डोज भी लिया है. जबकि 18 वर्ष से अधिक उम्र के 90 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन ले ली है. इनमें से 92 प्रतिशत ने दूसरा डोज भी ले लिया है. जिले में कुल 85 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन की कम-से-कम एक डोज ले लिया है. इन लोगों में से 90 प्रतिशत ने दूसरा डोज भी लिया है. पटना शहरी क्षेत्र में 100 प्रतिशत से अधिक वैक्सीनेशन हो चुका है.
जिले में कोविशिल्ड वैक्सीन का स्टॉक लगभग सभी वैक्सीनेशन सेंटरों से बुधवार को ही खत्म हो गया. कुछ जगहों पर जहां बची थी, वहां भी गुरुवार को यह खत्म हो गयी. जिले में अब तक करीब 30 प्रतिशत लोगों ने ही बूस्टर डोज लिया है.
कोरोना के नये वैरिएंट के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव सेंथिल कुमार आइजीआइएमएस पहुंचे. वह सबसे पहले 15 बेडों का बने कोविड वार्ड पहुंचे और व्यवस्था का जायजा लिया. इसके बाद वह जीनोम सिक्वेंसिंग वाले कमरे में पहुंचे और जांच की व्यवस्था देखी. साथ ही उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट देखा. इसके बाद उन्होंने आइजीआइएमएस में कोरोना से निबटने के लिए की गयी तैयारियों की समीक्षा की और टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश दिये. आइजीआइएमएस के डिप्टी डायरेक्टर डॉ मनीष मंडल ने बताया कि विशेष सचिव ने कई तरह के मार्गदर्शन दिये हैं
चीन में कोरोना के बढ़ते मामले व नये वैरिएंट बीएफ.7 को लेकर राज्य व केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के बाद एक बार फिर से रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट में यात्रियों की जांच शुरू की जायेगी. इसकी शुरुआत गुरुवार से ही हो गयी. फिलहाल इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से गठित पारा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगायी गयी है, जो तीन शिफ्ट में पटना जंक्शन व एयरपोर्ट से बाहर से आने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ कोरोना जांच की जायेगी. इस दौरान किसी में लक्षण पाये गये, तो उनका आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जायेगा.
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पटना जंक्शन पर रोजाना करीब 20 हजार से अधिक यात्री रोज विभिन्न ट्रेनों से पहुंचते हैं. सिविल सर्जन डॉ केके राय ने बताया कि पटना जंक्शन व एयरपोर्ट पर तीन शिफ्ट में कुल 19 पारा मेडिकल कर्मचारी कोरोना टेस्ट करेंगे. सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक, दोपहर दो बजे से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह छह बजे तक ड्यूटी रहेगी. इनमें 11 पारा मेडिकल कर्मचारी जंक्शन पर व आठ कर्मचारी एयरपोर्ट पर तैनात किये गये हैं.
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