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Mithila Haat : मिथिला हाट के तर्ज पर बिहार के इन जिले में बनेगा अब अर्बन हाट, मिलेंगी ये सुविधाएं

Updated at : 15 May 2025 9:45 AM (IST)
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mithila haat

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Mithila Haat : इसमें कोई शक नहीं कि यह परियोजना बिहार के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा देगी. मिथिला हाट की तरह ये हाट स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान करेंगे और पर्यटकों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ेंगे.

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Mithila Haat: पटना. बिहार सरकार ने मधुबनी के मिथिला हाट की सफलता को देखते हुए पटना और रोहतास में भी इसी तर्ज पर हाट बनाने की योजना शुरू की है. यह पहल स्थानीय हस्तशिल्प और लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए है. पटना हाट के लिए 48.96 करोड़ रुपये और रोहतास हाट के लिए 28 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे कुल बजट 76.96 करोड़ रुपये हो गया है.

पटना में बनेगा तीन मंजिला इंपोरियम

पटना में गांधी मैदान के पास बनने वाला यह हाट सिर्फ खरीदारी का ही केंद्र नहीं होगा, बल्कि एक मनोरंजन और सैर-सपाटे का स्थल भी होगा. यहां हस्तशिल्प और लोक कला के उत्पादों की बिक्री होगी, जिसमें मिथिला पेंटिंग जैसी पारंपरिक कलाकृतियां शामिल होंगी. इसके अलावा खाने-पीने के लिए दो रेस्तरां होंगे. बच्चों के लिए गेम जोन होगा, जिसमें मनोरंजक खेल होंगे. सुविधाओं में भूमिगत और सर्फेश पार्किंग, तीन मंजिल इंपोरियम, फायर फाइटिंग, फायर अलार्म, लिफ्ट, वाटर टैंक, सीसीटीवी सिस्टम, सोलर पावर जेनरेशन सिस्टम, चारदीवारी और स्ट्रीट लाइट शामिल होंगी.

हस्तशिल्प और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

दूसरी ओर रोहतास में इंद्रपुरी जलाशय के पास बनने वाले हाट के लिए 28 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. यह हाट भी स्थानीय हस्तशिल्प और संस्कृति को बढ़ावा देगा, हालांकि इसकी विशिष्ट सुविधाओं का विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं हो सका है. रोहतास, जो पहले से ही एक पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है, इस हाट से और भी आकर्षक बन जाएगा. इसके अलावा, गया और कैमूर में इस साल रोप-वे का निर्माण शुरू होगा, जो बिहार के पर्यटन क्षेत्र को और भी मजबूत करेगा.

मुंडेश्वरी पहाड़ पर बनेगा 425 मीटर लंबा रोप-वे

इसमें कोई शक नहीं कि यह परियोजना बिहार के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा देगी. मिथिला हाट की तरह ये हाट स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान करेंगे और पर्यटकों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ेंगे. इसके अलावा विभागीय जानकारी के अनुसार गया और कैमूर में रोप-वे का निर्माण शुरू होने से पर्यटक आसानी से इन क्षेत्रों के पहाड़ी और धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे. उदाहरण के लिए, कैमूर के मुंडेश्वरी पहाड़ पर 425 मीटर लंबा रोप-वे बनाया जाएगा, जिससे मुंडेश्वरी धाम तक पहुंचना आसान होगा.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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