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यूजीसी का आदेश : यूनिवर्सिटियों को बनानी होगी स्टूडेंट फ्रेंडली वेबसाइट

Updated at : 21 Oct 2025 7:27 PM (IST)
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यूजीसी का आदेश : यूनिवर्सिटियों को बनानी होगी स्टूडेंट फ्रेंडली वेबसाइट

संस्थान की वेबसाइट इस तरह से तैयार हो, जिससे छात्रों और अभिभावकों को सभी जरूरी जानकारियां एक ही पेज पर आसानी से मिल सकें

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-तीन महीने के भीतर अपनी वेबसाइट अपडेट करने का निर्देश संवाददाता, पटना

देशभर की यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों को अब अपनी वेबसाइट स्टूडेंट फ्रेंडली बनानी होगी. यूजीसी ने यह निर्देश जारी किया है कि हर संस्थान की वेबसाइट इस तरह से तैयार हो, जिससे छात्रों और अभिभावकों को सभी जरूरी जानकारियां एक ही पेज पर आसानी से मिल सकें. यूजीसी का कहना है कि कई विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर अब तक पाठ्यक्रम, फीस स्ट्रक्चर, एडमिशन प्रक्रिया, रैंकिंग, एक्रेडिटेशन, छात्रवृत्ति, हॉस्टल, परीक्षा परिणाम और शिकायत निवारण पोर्टल जैसी बुनियादी जानकारियां उपलब्ध नहीं हैं. आयोग ने कहा है कि अब हर यूनिवर्सिटी को ‘सिंगल डॉक्यूमेंट’ टाइप होम पेज तैयार करना होगा, ताकि छात्र किसी भी जानकारी के लिए पूरी वेबसाइट न खंगालते रहें. यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से तीन महीने के भीतर अपनी वेबसाइट अपडेट करने का निर्देश दिया है. जो संस्थान अनुपालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है.

बिहार के कई विवि व कॉलेजों की वेबसाइट होगी अपडेट

यूजीसी के इस आदेश का सीधा असर बिहार की यूनिवर्सिटियों पर पड़ेगा. राज्य की कई यूनिवर्सिटियों जैसे पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी, पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी, वीकेएसयू, ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, बीएन मंडल यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर बुनियादी जानकारी अधूरी पायी गयी है. कई कॉलेजों में भी वेबसाइट या तो अपडेट नहीं है, या फिर खुलते ही ‘एरर पेज’ दिखाता है. पटना यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यूजीसी का यह कदम बहुत जरूरी था. कई बार छात्र एडमिशन या परीक्षा संबंधी जानकारी के लिए इधर-उधर भटकते हैं. अगर एक सिंगल पेज पर सारी जानकारी मिल जाये, तो भ्रम की स्थिति खत्म होगी.

छात्रों ने भी जतायी संतुष्टि

राजधानी पटना के स्टूडेंट्स ने भी इस पहल का स्वागत किया है. बीएन कॉलेज की छात्रा रिया सिंह कहती हैं कि हमारे कॉलेज की वेबसाइट पर न तो फीस स्ट्रक्चर अपडेट होता है, न ही रिजल्ट समय पर दिखता है. अगर यूजीसी के निर्देश लागू हुए, तो स्टूडेंट्स को बहुत राहत मिलेगी. पीपीयू के छात्र नवीन कुमार का कहना है कि कई बार हमें सिलेबस या एडमिशन लिंक खोजने में घंटों लग जाते हैं. एक क्लिक में सारी जानकारी मिलना अच्छा बदलाव होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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