संवाददाता, पटना आपस की तकरार, किताबों और नोट्स के आदान-प्रदान के साथ ही शिक्षकों की डांट के भी संस्मरणों को खूब साझा किया गया. मौका था पटना मेडिकल कॉलेज के 100 साल पूरा होने पर आयोजित शताब्दी समारोह का. ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में देश ही नहीं, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं देने वाले दिग्गज डॉक्टर बचपन के पुराने दोस्तों से मिल कर भावुक हो उठे. पढ़ाई के दिनों की यादें ताजा कर आंखें छलकने लगीं. इनमें कोई 91 साल के बुजुर्ग डॉक्टर थे, तो कोई 85 से 90 के उम्र के बीच के थे. 1953, 1955 और 1961 बैच के छात्रों ने करीब 65 साल पुरानी यादों को जी भर कर दोहराया. शताब्दी समारोह में शिरकत करने आये डॉक्टरों ने बताया कि आज के जूनियर डॉक्टर अपने सीनियर का सम्मान पहले की तरह नहीं करते हैं. यही वजह है कि गुरु-शिष्य की परंपरा में अब अंतर आने लगा है. दूसरी ओर डॉक्टरों ने बताया कि अब पीएमसीएच बदल रहा है, यह काफी सराहनीय कार्य है. हमलोगों ने कभी भी ऐसी कल्पना नहीं की थी कि हमारा मेडिकल कॉलेज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनने जा रहा है. देश-विदेश से आये डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की काफी प्रशंसा की और कहा कि बिहार की चिकित्सा व्यवस्था पहले की तुलना में अब काफी बेहतर हुई है.
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